Home Top News ’60 दिनों की राहत, लेकिन डील न होने पर US वसूलेगा टोल’, मीटिंग से पहले ट्रंप की नई चेतावनी

’60 दिनों की राहत, लेकिन डील न होने पर US वसूलेगा टोल’, मीटिंग से पहले ट्रंप की नई चेतावनी

by Neha Singh 21 June 2026, 10:31 AM IST (Updated 21 June 2026, 10:35 AM IST)
21 June 2026, 10:31 AM IST (Updated 21 June 2026, 10:35 AM IST)
US Toll on Hormuz (

US Toll on Hormuz: अमेरिका और ईरान की बीच हुए शांति समझौते की तस्वीर अभी भी साफ नहीं है. डील के बाद भी ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखा है. आज स्विट्जरलैंड में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों की अहम बातचीत होने वाली है, जिसमें शुरुआती एग्रीमेंट को लागू करने और आखिरी फैसले पर पहुंचने के लिए तकनीकी पहलुओं पर बात होगी. इस मीटिंग से पहले ट्रंप ने होर्मुज के टोल पर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा है कि अगर डील नहीं हुई तो अमेरिका होर्मुज पर टोल वसूलेगा.

“ईरान नहीं, अमेरिका वसूलेगा टोल”

ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट पर लिखा, सीज फायर पीरियड के दौरान 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट में कोई टोल नहीं लगेगा और 60 दिन के बाद भी कोई टोल वसूला नहीं जाएगा, जब तक कि खुद अमेरिका उसे लागू न करे. उन्होंने कहा, अगर डील नहीं होती है तो मिडिल ईस्ट के देशों को गार्जियन एंजेल के तौर पर दी गई सेवाओं के बदले में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की तरफ से टोल लिया जाएगा, जो पहले, अभी और भविष्य में खर्चों की भरपाई के लिए होगा.

इससे पहले ईरान ने कहा था कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल के बजाय मैरीटाइम सर्विस फीस लेगा. ईरान का कहना है कि वह जहाजों को दी जाने वाली सिक्योरिटी, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन, इंश्योरेंस और दूसरी मैरीटाइम सर्विस के लिए फीस लेगा, न कि ट्रांजिट टोल के लिए. डील की शर्तों के मुताबिक, यह सीजफायर के 60 दिनों तक जहाजों के लिए पूरी तरह से फ्री रहेगा. लेकिन अब ट्रंप ने अपना फायदा देखते हुए सिक्योरिटी फीस की बात कही है.

आज स्विट्जरलैंड में होगी बातचीत

US और ईरान आज स्विट्जरलैंड में अंतरिम समझौते में जरूरी डिटेल्स जोड़ने और अंतिम समझौते की बातचीत करेंगे. इस बैठक में पाकिस्तान और कतर भी मीडिएटर के रूप में हिस्सा लेंगे. अमेरिका और ईरान ने हाल ही में 14-पॉइंट मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर ऑनलाइन हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद ट्रंप ने ऐलान किया कि युद्ध रुक गया है. आज की बैठक में MoU के पॉइंट्स पर तकनीकी बातचीत होगी, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर यूएस का हमेशा के लिए कंट्रोल, उसके अरबों डॉलर के फ्रीज हुए फंड को अनलॉक करना, लेबनान पर इजरायली हमले और स्ट्रेट ऑफ होर्मज शामिल है.

इजरायल के हमलों से नाराज ईरान

अमेरिका-ईरान के शांति समझौते में आने वाली अड़चनों का मुख्त कारण इजरायल है. पहले यह मीटिंग शुक्रवार को होने वाली थी, लेकिन उससे पहले इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया, जिसके बाद दोनों देशों ने स्विट्जरलैंड में मिलने से इनकार कर दिया. तेहरान ने कहा था कि उसने लेबनान में इजरायल के हमलों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है और चेतावनी दी थी कि अगर लड़ाई नहीं रुकी तो डील से कुछ हासिल नहीं होगा.

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News Source: PTI

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