TMC: विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) आंतरिक संकट से जूझ रही है. पार्टी पर नियंत्रण को लेकर ममता बनर्जी और बागी नेता रिताब्रता बनर्जी के गुटों में कानूनी लड़ाई तेज हो गई है. ममता गुट की संयुक्त राष्ट्रीय सचिव डोला सेन ने प्रगति मैदान और न्यू टाउन पुलिस थानों में नई शिकायतें दर्ज कराई हैं.
बागी गुट पर पार्टी का नाम, सिंबल इस्तेमाल करने का आरोप
बागी गुट पर पार्टी का नाम, सिंबल और संगठनात्मक पदों का गैर-कानूनी इस्तेमाल कर कार्यकर्ताओं को गुमराह करने का आरोप है. एक महीने से चल रहे इस विवाद में दोनों गुट अब पार्टी की विरासत और ढांचे पर अपना दावा साबित करने के लिए कानूनी रास्ते अपना रहे हैं. कालीघाट पुलिस स्टेशन और कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन में दर्ज FIR में ममता बनर्जी के वफादारों ने रिताब्रता बनर्जी, पूर्व मंत्री अरूप रॉय, जावेद खान, संदीपन साहा और बिप्लब मित्रा का नाम लिया है.
उन पर आरोप है कि वे पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बिना खुद को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ का पदाधिकारी बताकर एक समानांतर संगठन चलाने की कोशिश कर रहे हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी व्यक्ति पार्टी के नाम, सिंबल और संगठनात्मक पदों का इस्तेमाल करके कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
बागी गुट ने 22 जून को की थी बैठक
पुलिस में शिकायतें उस घटना के एक हफ़्ते से भी कम समय में दर्ज कराई गईं, जब बागी गुट ने न्यू टाउन के एक लग्ज़री होटल में एक हाई-प्रोफ़ाइल विशेष सत्र आयोजित किया था. इस बैठक में एक नई राष्ट्रीय कार्य समिति की घोषणा की गई थी, जिसमें ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी, दोनों को ही शामिल नहीं किया गया था. 22 जून को हुई इस बैठक में कई विधायक और पूर्व विधायक शामिल हुए थे. बागी गुट ने इसे विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के बाद संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश के तौर पर पेश किया था.
शनिवार को, रिताब्रता गुट ने पूर्वी कोलकाता के टोपसिया इलाके में एक और बैठक की, जिसमें कोलकाता नगर निगम के 47 पूर्व पार्षद शामिल हुए. राजनीतिक जानकारों ने इसे इस साल के आखिर में होने वाले निकाय चुनावों से पहले शहरी इलाकों में अपना समर्थन आधार मज़बूत करने की एक सोची-समझी कोशिश के तौर पर देखा. खास बात यह है कि दोनों ही बैठकों में लगे बैनर और साइनबोर्ड पर TMC का ‘घास और दो फूलों’ वाला चुनाव चिह्न और पार्टी का आधिकारिक नाम तो प्रमुखता से दिखाया गया, लेकिन ममता बनर्जी, जो कभी संगठन का निर्विवाद चेहरा हुआ करती थीं, की तस्वीरें वहां नदारद थीं.
न्यू टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई शिकायत
न्यू टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में ममता बनर्जी गुट ने बागी मुहिम के पीछे पर्दे के पीछे से काम कर रहे लोगों की जांच की मांग की. साथ ही पार्टी के नाम पर बैठकें आयोजित करने, प्रचार सामग्री छपवाने और सोशल मीडिया अभियान चलाने के लिए इस्तेमाल हो रहे फंड के स्रोत पर भी सवाल उठाए. वफ़ादार गुट ने बागी नेताओं के दावों की वैधता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने रिताब्रता बनर्जी के विधानसभा स्पीकर रथिंद्र बोस को भेजे गए हालिया संदेश का ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने खुद को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बताया था.
कानून और चुनाव आयोग पर भरोसाः रिताब्रता
ममता बनर्जी गुट का कहना है कि संगठन ने उन्हें कभी यह पद नहीं दिया है. एक और शिकायत बागी गुट के नेताओं द्वारा कोलकाता के TMC पार्षदों के लिए बुलाई गई बैठक के बारे में थी. आरोप है कि इसके लिए जो निमंत्रण भेजे गए, उनमें पार्टी के ऐसे पदों का इस्तेमाल किया गया जो असल में हैं ही नहीं. हालांकि, रिताब्रता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि कोई भी शिकायत कर सकता है. देश में कानून है और चुनाव आयोग भी है. कानून और चुनाव आयोग पर भरोसा रखना चाहिए.
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News Source: PTI
