CJP Protest : देश भर नीट पेपर लीक के बाद कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रही है. पार्टी ने अब धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे देने की मांग कर दी है और उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें पद से नहीं हटाया जाएगा वह जंतर मंतर से अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे. इसी बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को सीजेपी को समर्थन दिया और जंतर मंतर पर अपनी भूख हड़ताल शुरू की. बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी 20 जून से यहां पर धरना दे रही है और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है.
युवा और छात्रों भारी संख्या में पहुंचे
जंतर मंतर पर बच्चों के आंदोलन को समर्थन देने के साथ वांगचुक ने अपना अनशन शुरू कर दिया है. इस दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी, जिनमें ज्यादातर युवा और छात्र शामिल हैं वह इकट्ठा हो गए. इसके अलावा विरोध प्रदर्शन वाले स्थान पर किसान नेता भी पहुंचे थे और उन्होंने भी सीजेपी के मंच से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की. वहीं, इस प्रदर्शन की शुरुआत दो मिनट के मौन व्रत के साथ शुरू हुई है.
#WATCH | जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक CJP के अनशन में पहुंचे #CJP #cjpprotest #sonamwangchuk #jantarmantar #abhijeetdipke #delhi pic.twitter.com/Y5oBontlvP
— Live Times (@livetimes_news) June 28, 2026
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किसान नेता को किया जा रहा नजरबंद
वहीं, भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके राजघाट पहुंचे और यहां पर उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. दीपके पहले भी किसानों, छात्रों और संगठनों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के साथ परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रोटेस्ट में शामिल हुए हैं. वह लगातार सरकार की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. उन्होंने रविवार को अपनी एक एक्स पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को जंतर-मंतर पर पहुंचने से रोकने के लिए नजरबंद किया जा रहा है.
अब तेज किया जाएगा आंदोलन
विरोध-प्रदर्शन के दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि यह मुद्दा सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसे व्यापक चिंताओं को भी दर्शाता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य को गंभीर से नहीं ले रही है. अब छात्रों इस मुद्दे पर खुलकर अपनी आवाज को उठा रहे हैं. इसके अलावा दीपके ने राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले धन के स्रोत पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इसी बीच उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब तेज किया जाएगा.
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