Home Top News कोर्ट में ‘तारीख पर तारीख’ मांगना पड़ा भारी : CM हेमंत सोरेन पर ठोका 10,000 रुपए का जुर्माना

कोर्ट में ‘तारीख पर तारीख’ मांगना पड़ा भारी : CM हेमंत सोरेन पर ठोका 10,000 रुपए का जुर्माना

by Sanjay Kumar Srivastava 1 October 2026, 6:08 PM IST
1 October 2026, 6:08 PM IST
कोर्ट में 'तारीख पर तारीख' मांगना पड़ा भारी : हाईकोर्ट ने CM सोरेन पर कसा शिकंजा, ठोका 10,000 का जुर्माना

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर शिकंजा कसते हुए 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. ED के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए छह हफ्ते का समय मांगा गया. कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए उन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना ठोक दिया और जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया. अब मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी.

ED अफसरों पर दर्ज FIR का मामला

ED के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा और अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हेमंत सोरेन द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की गई है. इस मामले में हाईकोर्ट पहले भी हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने का निर्देश दे चुका है. इससे पहले अप्रैल 2026 में हुई सुनवाई के दौरान भी जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था. अदालत ने उस समय भी जुर्माना लगाया था. मामला वर्ष 2024 का है.

29 जनवरी 2024 को दिल्ली स्थित आवास पर ली गई थी तलाशी

मालूम हो कि हेमंत सोरेन ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर ईडी की तलाशी के बाद 31 जनवरी 2024 को रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि 29 जनवरी 2024 को उनके दिल्ली स्थित आवास की ईडी अफसरों द्वारा जिस तरह तलाशी ली गई और जिस तरह उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया, वह अपमानजनक है.

हाईकोर्ट ने मांगा था जवाब

सोरेन ने कहा था कि वे अनुसूचित जनजाति से आते हैं. ईडी का ऑपरेशन उन्हें और उनके पूरे समुदाय को अपमानित करने वाला था. इस एफआईआर पर कार्रवाई करते हुए रांची पुलिस ने सीआरपीसी-41ए के तहत ईडी के आफसरों को नोटिस जारी किया था. इसके बाद ईडी अफसरों ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी. अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और प्राथमिकी के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर भी राहत मांगी गई थी. हाईकोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस की ओर से जारी नोटिस और कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा था.

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