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दिल्ली में महिला वकील पर तलवार से जानलेवा हमला, बच्चों की मुफ्त शिक्षा का जिम्मा उठाएगी सरकार

by Sanjay Kumar Srivastava
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दिल्ली में महिला वकील पर तलवार से जानलेवा हमला, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बच्चों की मुफ्त शिक्षा का जिम्मा उठाएगी सरकार

Supreme Court: महिला वकील पर पति ने तलवार से जानलेवा हमला कर दिया. हमले में पीड़िता बाल-बाल बच गई. पीड़िता कड़कड़डूमा जिला अदालत में वकालत करती है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस को जांच करने और पीड़िता को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है.

Supreme Court: महिला वकील पर पति ने तलवार से जानलेवा हमला कर दिया. हमले में पीड़िता बाल-बाल बच गई. पीड़िता कड़कड़डूमा जिला अदालत में वकालत करती है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस को जांच करने और पीड़िता को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि एक महिला वकील पर उसके पति द्वारा किए गए क्रूर हमले की जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए, साथ ही पीड़िता और उसके बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पिछले महीने तब स्वत: संज्ञान लिया था जब वकील स्नेहा कलिता ने सीजेआई को एक पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण योजना के तहत मुआवजा देने की मांग की थी. पीड़िता कड़कड़डूमा जिला अदालत में वकील है.

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: लिया संज्ञान

22 अप्रैल को सोनिया विहार में उसके पति ने तलवार से जानलेवा हमला कर दिया था. 11 मई को स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़िता या बच्चों को कोई नुकसान न हो और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिले. पीठ ने दिल्ली सरकार को पीड़िता की बेटियों को प्लेस्कूल और नियमित स्कूल समेत सभी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इसने कहा कि स्कूल की फीस, वर्दी, किताबें, सार्वजनिक परिवहन आदि सहित सभी खर्च दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा वहन किए जाएंगे. पीठ ने कहा कि लड़कियों को वजीफा/मानदेय/वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी, जो दिल्ली के एनसीटी द्वारा बनाई गई नीति के अनुसार स्वीकार्य हो सकती है.

मां के पास गईं दोनों बेटियां

शीर्ष अदालत के 27 अप्रैल के आदेश के अनुसार, दोनों बेटियां अपने दादा-दादी के साथ थीं और बाद में बाल कल्याण समिति ने उन्हें ले लिया. पीठ ने कहा कि चूंकि पीड़ित मां को अब अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वह काफी हद तक ठीक हो चुकी है, इसलिए 4 साल और 1 साल की दो नाबालिग बेटियों को मां को सौंपने का निर्देश दिया जाता है. शीर्ष अदालत ने पहले कहा था कि पीड़िता को चार अस्पतालों में ले जाया गया था और उनमें से तीन ने प्रवेश से इनकार कर दिया था. यह भी नोट किया गया था कि अस्पतालों में से एक ने केवल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की और उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया.

खजूरी खास इलाके से पति गिरफ्तार

पीठ ने 11 मई को मामले का निपटारा कर दिया. दिल्ली के एनसीटी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को बताया कि एक एफआईआर दर्ज की गई है और मुख्य आरोपी पति को 25-26 अप्रैल की मध्यरात्रि को गिरफ्तार किया गया था. पीठ ने तीन लाख रुपये की अंतरिम राशि जारी करने का भी निर्देश दिया. आरोपी सोनिया विहार निवासी मनोज कुमार को खजूरी खास से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के अनुसार, हमले के पीछे घरेलू कलह को कारण माना जा रहा है. हालांकि जांचकर्ता सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं.

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News Source: PTI

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