Home राष्ट्रीय Google Doodle में सजी भारत की रंगीन विरासत, 22 पारंपरिक टेक्सटाइल ने खींचा सबका ध्यान

Google Doodle में सजी भारत की रंगीन विरासत, 22 पारंपरिक टेक्सटाइल ने खींचा सबका ध्यान

by Preeti Pal 15 August 2026, 1:37 PM IST
15 August 2026, 1:37 PM IST
Google Doodle में सजी भारत की रंगीन विरासत, 22 पारंपरिक टेक्सटाइल ने खींचा सबका ध्यान

Google Doodle: आज यानी 15 अगस्त, 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस खास मौके पर गूगल ने भी देश को अपने अंदाज में सलाम किया है. गूगल के खास डूडल में इस बार तिरंगे के साथ सिर्फ देशभक्ति का रंग नहीं, बल्कि भारत की सदियों पुरानी कपड़ा और हस्तशिल्प विरासत की खूबसूरत झलक देखने को मिल रही है. इस डूडल की सबसे खास बात ये है कि इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों की 22 क्षेत्रीय टेक्सटाइल परंपराओं को डिजिटल पैचवर्क के रूप में दिखाया गया है. यानी एक ही तस्वीर में भारत के कई राज्यों के रंग, डिजाइन, बुनाई और कारीगरी एक साथ नजर आती है. इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे पूरे देश की कपड़ा विरासत को एक रंगीन डिजिटल चादर में पिरो दिया गया हो.

एक डूडल में भारत की पूरी कहानी

ये कलाकृति सिर्फ देखने में सुंदर नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक खास सोच भी है. इसमें बुनकरों, रंगरेजों, किसानों और ब्लॉक प्रिंटरों की मेहनत को सम्मान दिया गया है. भारत में कपड़ा सिर्फ पहनावे का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि ये हमारी संस्कृति, स्थानीय पहचान और परंपराओं से भी गहराई से जुड़ा है. इस डिजिटल आर्टवर्क में अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक बुनाई, कढ़ाई और प्रिंटिंग तकनीकों को एक साथ जोड़ा गया है. कच्छ की कढ़ाई से लेकर पश्मीना और बनारसी जैसी प्रसिद्ध परंपराओं तक, डूडल भारत की टेक्सटाइल विविधता की झलक देता है.

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2023 में बना था खास आर्टवर्क

दिलचस्प बात ये है कि गूगल ने इस डूडल को पहली बार 2023 में भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पेश किया था. इसे नई दिल्ली की ग्राफिक डिजाइनर और आर्टिस्ट नम्रता कुमार ने तैयार किया था. अब 2026 में गूगल ने इसी लोकप्रिय आर्टवर्क को नए अंदाज में दोबारा पेश किया है. इस बार डिजिटल टेक्सटाइल स्वैच और बड़े फॉन्ट के साथ डूडल को और आकर्षक रूप दिया गया है.

एकता में विविधता

भारत की खूबसूरती यही है कि यहां हर कुछ किलोमीटर पर भाषा, खान-पान और पहनावे का अंदाज बदल जाता है. लेकिन यही अलग-अलग रंग मिलकर भारत की पहचान बनाते हैं. गूगल का ये डूडल इसी सोच को खूबसूरती से सामने लाता है. इसमें शामिल 22 टेक्सटाइल परंपराएं बताती हैं कि भारत की असली विरासत सिर्फ बड़े स्मारकों या इतिहास की किताबों में नहीं, बल्कि उन हाथों में भी बसती है जो पीढ़ियों से कपड़ों को बुनते, रंगते और सजाते आए हैं. इस स्वतंत्रता दिवस गूगल का ये डूडल इसलिए भी खास है क्योंकि ये आजादी का जश्न मनाने के साथ-साथ भारत की विविधता, कारीगरों की मेहनत और हमारी जड़ों से जुड़े फैशन को भी सलाम करता है.

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