Ice Cream Capital of India: गर्मियां आने पर सबसे ज्यादा आइसक्रीम खाने का मन करता है. लेकिन क्या आप भारत के उस शहर के बारे में जानते हैं जिसे ‘आइसक्रीम कैपिटल ऑफ इंडिया’ कहते हैं?
30 March, 2026
गर्मियों के मौसम में जब टैंपरेचर बढ़ने लगता है, तब बस एक ही चीज़ याद आती है और वो है ठंडी-ठंडी आइसक्रीम. दूध, क्रीम और चीनी के इस जादुई कॉम्बिनेशन को जब धीरे-धीरे जमाया जाता है, तो जो स्वाद निकलकर आता है, उसका कोई जवाब नहीं. वैसे तो, दुनिया भर में लोग आइसक्रीम के दीवाने हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे भारत में एक ऐसा शहर भी है जिसे ‘भारत की आइसक्रीम कैपिटल’ कहा जाता है? एक ऐसा शहर जो न सिर्फ अपने बंदरगाहों के लिए फेमस है, बल्कि आइसक्रीम की दुनिया में इसकी एक अलग ही बादशाहत है.

कूल सिटी
कर्नाटक का मंगलुरु, जिसे पहले मैंगलोर कहा जाता था, ऑफिशियली भारत की आइसक्रीम कैपिटल के तौर पर जाना जाता है. अरब सागर और वेस्टर्न घाट के बीच बसा ये खूबसूरत शहर अपनी डेयरी इंडस्ट्री और डेजर्ट्स के लिए फेमस है. ‘आइडियल आइसक्रीम’ और ‘हांग्यो’ जैसे बड़े ब्रांड्स की शुरुआत यहीं से हुई थी. यहां तक कि भारत का सबसे बड़ा आइसक्रीम पार्लर भी इसी शहर में है. इस पार्लर में एक साथ 300 से ज़्यादा लोग बैठकर अपने फेवरेट स्कूप का मज़ा ले सकते हैं.
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मजेदार फैक्ट्स
- इस शहर की गर्मी और आइसक्रीम का अनोखा कनेक्शन है. दरअसल, यहां की 75% नमी बॉडी में गर्मी का एहसास बढ़ाती है. इससे लोगों के अंदर साल भर ठंडी डेयरी चीज़ें खाने की इच्छा बनी रहती है.
- दिल्ली जैसे हाई-रिस्क इलाकों के बिल्कुल उलट, मंगलुरु सीस्मिक ज़ोन III में आता है, जो इसे ज्योग्राफिकल फोर्म से काफी सेफ बनाता है.
- रोमन इतिहासकारों प्लिनी और टॉलेमी ने इस जगह को ‘निट्रियास’ कहा था, जो शायद यहां बहने वाली नेत्रवती नदी की वजह से था.
- वेस्टर्न घाट की एंट्री पर होने की वजह से ये शहर ऐसी प्रजातियों का घर है जो दुनिया में कहीं और नहीं पाई जातीं. यानी बायोडायवर्सिटी भी यहां की एक खासियत है.
- यहां की ज़मीन आयरन से भरपूर लैटेराइट चट्टानों से बनी है, यही वजह है कि यहां की ऐतिहासिक इमारतें लाल ईंटों वाले आर्किटेक्चर की झलक देती हैं.
- मंगलुरु का तुलु नाम ‘कुडला’ है, जिसका मतलब है ‘संगम’. यहां नेत्रवती और गुरुपुरा नदियां समुद्र से मिलती हैं.

क्यों बना आइसक्रीम का किंग
मंगलुरु में आइसक्रीम सिर्फ एक सीजनल चीज़ नहीं, बल्कि एक इमोशन है. यहां के लोग साल के 12 महीने इसका आनंद लेते हैं. इसके पीछे सबसे बड़ा हाथ यहां की स्ट्रॉन्ग डेयरी इंडस्ट्री का है. वहीं, अगर आप मंगलुरु में हैं और आपने ‘गड़बड़’ नहीं खाई, तो आपकी जर्नी अधूरी रह जाएगी. ये एक लंबे गिलास में परोसी जाने वाली लेयर्ड आइसक्रीम है, जिसमें अलग-अलग फ्लेवर्स, जेली, फ्रेश फ्रूट्स और ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स होते हैं. इसका नाम इतना फेमस हुआ कि अब पूरे साउथ इंडिया में किसी भी मिक्स संडे को लोग ‘गड़बड़’ ही कहते हैं.

दुनिया का गणित
अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो महाराष्ट्र भारत में आइसक्रीम का सबसे बड़ा कंज्यूमर है, जबकि गुजरात सबसे बड़ा प्रोड्यूसर. ग्लोबल लेवल पर, अमेरिका के आयोवा के ‘ली मार्स’ को दुनिया की आइसक्रीम कैपिटल कहा जाता है. वहीं, प्रोडक्शन में चीन नंबर वन है. हालांकि, पर कैपिटल कंजप्शन के मामले में न्यूज़ीलैंड बाज़ी मार ले जाता है. वहां, एक व्यक्ति साल भर में औसतन 28.4 लीटर आइसक्रीम खा जाता है. तो अगली बार जब आपको कुछ मीठा और ठंडा खाने का मन करे, तो मंगलुरु की उस ‘गड़बड़’ आइसक्रीम को ज़रूर याद कीजिएगा, जिसने एक पूरे शहर को भारत की आइसक्रीम कैपिटल बना दिया.
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