Amit Shah: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च का नेतृत्व किया. उन्होंने हाथ में तिरंगा लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष के ‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’ नारे पर पलटवार किया. बीजेपी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भी लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाले. गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की मेगा रैली आयोजित की गई थी. वहीं, शनिवार (31 अक्टूबर) को विपक्ष ने ‘नकली संसद’ सत्र का आयोजन किया था. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘जन-महाभियोग’ प्रस्ताव पेश किया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ छह आरोप लगाए गए.
विपक्ष गलत जानकारी फैला रहा
अमित शाह से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने हरियाणा के रोहतक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च का नेतृत्व किया. यह मार्च फरीदाबाद के NIT स्थित BK चौक से शुरू हुआ. बीजेपी का कहना है कि विपक्ष गलत जानकारी फैला रहा है, प्रोपेगैंडा कर रहा है और जानबूझकर अराजकता पैदा कर रहा है.
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शाह ने दी कार्यकर्ताओं को बधाई
इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने इस मार्च में शामिल होने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी. साथ ही मार्च समाप्त होने के बाद शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सबसे पहले मैं मां भाग्यलक्ष्मी के चरणों में नमन करता हूं और सरदार पटेल साहब को सादर नमन करते हुए अपनी बात शुरू करता हूं. अगर उस समय सरदार पटेल ने निजाम को झुकने पर मजबूर न किया होता, तो आज हैदराबाद भारत का हिस्सा नहीं होता.
यह ‘घुसपैठियों को बचाओ’ रैली थी
शाह यह भी कहा कि आज हैदराबाद में हजारों लोग सड़कों पर खड़े हैं. कल दिल्ली में भी एक रैली हुई थी. राहुल गांधी ने एक रैली की. उन्होंने दावा किया कि यह ‘वोट बचाओ’ रैली थी. मैंने आप लोगों से कहना चाहता हूं कि यह ‘वोट बचाओ’ रैली नहीं थी. यह ‘घुसपैठियों को बचाओ’ रैली थी.
बीजेपी SIR का पूर्ण समर्थन करती है
अमित शाह ने कहा कि SIR का विरोध करके कांग्रेस पार्टी देश की मतदाता सूची में मौजूद बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है. लेकिन मैं आज यहां यह कहने आया हूं कि राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी जी चाहे जितनी कोशिश कर लें, भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि एक-एक घुसपैठिए को मतदाता सूची से हटाया जाए और देश से बाहर निकाला जाए. पूरी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल SIR को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि ये घुसपैठिए उनका वोट बैंक हैं. लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूरी मजबूती से SIR के साथ खड़े हैं. यहां केवल उन्हीं लोगों को वोट देने की अनुमति होगी, जो इस देश के नागरिक हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी फर्जी वोटिंग के जरिए चुनावों पर कब्जा करना चाहती है. अगर किसी एक व्यक्ति के पास दो वोट हैं, तो क्या उनमें से एक को रद्द नहीं किया जाना चाहिए? अब आते हैं ‘राहुल बाबा’ के पेट दर्द के असली कारण पर. तीन करोड़ वोट ऐसे हैं, जिनके नाम पर ये वोट हैं, वे लोग असल में मौजूद ही नहीं हैं. ये बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं.
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News Source: ANI
