Ashutosh Ranka : कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोमवार को केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर FIR वापस नहीं ली तो फिर से देश में आंदोलन शुरू हो जाएगा. रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को एक्स पर टैग करते हुए पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई. इसके अलावा उन्होंने केंद्र को अल्टीमेटम दिया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर से धरने पर बैठ जाएंगे.
प्रदर्शनकारियों पर कही है पुलिस कार्रवाई
आशुतोष रांका ने कहा कि हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन हो रहा है. बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही दिल्ली व अन्य राज्यों में सैकड़ों लोगों की निगरानी की जा रही है या फिर उन्हें परेशान किया जा रहा है. इसके अलावा दिल्ली से ऐसी कई खबरें आ रही हैं कि प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स में मदद करने वाले वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है.
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ये हैं CJP की प्रमुख मांग
सीजेपी की तरफ से पुलिस पर कार्रवाई करने के आरोप लगाने के बाद तीन प्रमुख मांगों को सोशल मीडिया पर रखा है. पार्टी का कहना है कि अगर सरकार इन मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो वह एक बार फिर धरने पर बैठ जाएगी.
- प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी FIR तुरंत वापस ली जाएं और छात्रों को रिहा किया जाए.
- केंद्रीय जांच एजेंसियों और भाजपा-गठबंधन वाले राज्यों में हमारे समझौते के अनुसार भविष्य में किसी के खिलाफ कोई भी FIR दर्ज नहीं की जाए.
- साथ ही हम यह भी मांग करते हैं कि कानूनी मामलों से जुड़ा लिखित समझौता और भारत सरकार के साथ तय समय-सीमा की जानकारी कल तक हमें दी जाए.
अभी दो मांग ठंडे बस्ते में पड़ी
बता दें कि केंद्र सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शन को सीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म कर दिया था. हालांकि, पार्टी ने दो अन्य शर्तें भी रखी थीं. इसमें नीट पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए. इसके अलावा दिल्ली समेत जहां पर भी बीजेपी और बीजेपी-गठबंधन वाली सरकारें हैं, वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लें. साथ ही भविष्य में किसी भी युवक पर इस आंदोलन को लेकर कोई केस दर्ज न किया जाए. वहीं, प्रधान के इस्तीफे के साथ पहली मांग पूरी हो गई थी. लेकिन अभी भी दो मांगें पेंडिंग पड़ी हैं और सीजेपी का कहना है कि केंद्र अब इस समझौते का उल्लंघन कर रहा है.
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