Home Latest News & Updates कोरोना की वैक्सीन कहां लगवाई? जाति जनगणना में पूछे जाएंगे ये 40 सवाल, जानें सेंसस से जुड़ी हर डिटेल

कोरोना की वैक्सीन कहां लगवाई? जाति जनगणना में पूछे जाएंगे ये 40 सवाल, जानें सेंसस से जुड़ी हर डिटेल

by Neha Singh 14 August 2026, 3:05 PM IST (Updated 14 August 2026, 4:12 PM IST)
14 August 2026, 3:05 PM IST (Updated 14 August 2026, 4:12 PM IST)
Caste Census Questions

Caste Census Questions: जाति जनगणना 2027 का दूसरा फेज शुरू होने वाला है, जिसमें सरकार के कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर जनगणना करेंगे. सरकार के कर्मचारी सिर्फ आपसे आपका पता और जाति नहीं पूछेंगे, बल्कि उनके पास सवालों की लंबी लिस्ट होगी. केंद्र सरकार ने जाति जनगणना में पूछे जाने वाले 40 सवालों की लिस्ट जारी की है. केंद्र ने शुक्रवार को 40 सवाल अधिसूचित किए हैं, जिनमें जाति से लेकर शहर, पता, शादी, बच्चे और यहां तक कि कोरोना टीकाकरण से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. जाति जनगणना 2027 दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है, जो पूरी तरह से डिजिटली हो रही है.

स्व-गणना करने का विकल्प

इस महीने की शुरुआत में जारी एक गजट अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले अलग-अलग इलाकों में आबादी की गिनती 1 से 30 सितंबर तक होगी. इसमें कहा गया है, “घर-घर जाकर आबादी की गिनती शुरू होने से ठीक पहले 17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना करने का विकल्प मिलेगा.” देश के बाकी हिस्सों में, आबादी की गिनती (PE) अगले साल शुरू होगी. सूत्रों ने कहा कि प्रश्न पत्र में जातियों की लिस्ट होने की उम्मीद नहीं है और लोगों द्वारा दिए गए जवाबों को ही रिकॉर्ड किया जाएगा. जाति की गिनती को शामिल करने का फैसला पिछले साल 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने लिया था.

जनगणना 2027 पूछे जाएंगे ये 40 सवाल

1. व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण

  1. व्यक्ति का नाम
  2. परिवार के मुखिया से संबंध
  3. लिंग
  4. जन्म तिथि और आयु (वर्षों में)
  5. वर्तमान वैवाहिक स्थिति
  6. विवाह के समय आयु (वर्षों में)
  7. जीवनसाथी का नाम
  8. घोषित राष्ट्रीयता

2. सामाजिक, धार्मिक और जातिगत पृष्ठभूमि

  1. धर्म
  2. अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST) / जाति (Caste)
  3. पिता का विवरण
  4. माता का विवरण
  5. दिव्यांगता (Disability)
  6. मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं

3. शिक्षा और साक्षरता

  1. साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति
  2. शैक्षणिक संस्थान में उपस्थिति की स्थिति
  3. प्राप्त उच्चतम शैक्षिक स्तर और स्ट्रीम/विषय

4. आर्थिक गतिविधि और काम

  1. पिछले वर्ष के दौरान कभी काम किया या नहीं
  2. आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
  3. व्यवसाय (Occupation)
  4. उद्योग, व्यापार या सेवा की प्रकृति
  5. कामगार की श्रेणी (Class of Worker)
  6. गैर-आर्थिक गतिविधि
  7. क्या काम के लिए उपलब्ध हैं या काम की तलाश में हैं?
  8. कार्यस्थल तक यात्रा का विवरण

5. प्रवासन और निवास

  1. जन्म स्थान
  2. पिछले निवास का स्थान
  3. प्रवासन का कारण
  4. पिछले प्रवासन के बाद से इस गाँव/शहर में रहने की अवधि
  5. स्थायी आवासीय पता
  1. वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
  2. अब तक पैदा हुए कुल जीवित बच्चों की संख्या
  3. पिछले एक वर्ष के दौरान जन्म लेने वाले जीवित बच्चों की संख्या

7. डिजिटल आईडी, दस्तावेज़ और स्वास्थ्य

  1. कोविड-19 टीकाकरण का स्थान
  2. बैंक खातों की कुल संख्या
  3. मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो)
  4. आधार नंबर (यदि उपलब्ध हो)
  5. वोटर आईडी नंबर (यदि उपलब्ध हो)
  6. पासपोर्ट नंबर (यदि भारतीय पासपोर्ट धारक हैं)
  7. ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता (हां/नहीं)

जाति जनगणना का पहला फेज

जातिगत जनगणना दो फेज में पूरी हो रही है. पहला फेज में देशभर के घरों की गिनती की जा रही है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसिंग लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के लिए फील्ड विजिट 16 अप्रैल को शुरू हुई और 30 सितंबर तक चलेगी. गिनती करने वाले कर्मचारी देश भर में सभी स्ट्रक्चर, घरों और परिवारों की लिस्टिंग कर रहे हैं. हाउसिंग लिस्टिंग ऑपरेशन के दौरान, एन्यूमरेटर खुद हर घर और बिल्डिंग में जाते हैं और लोगों से उनके घरों में बेसिक सुविधाओं, घर के मुखिया की डिटेल्स जैसे नाम और लिंग और स्वामित्व की स्थिति के बारे में 33 सवाल पूछते हैं.

शुरू होने वाला है दसूरा फेज

जाति जनगणना के दूसरे फेज में देश के हर व्यक्ति की असल में गिनती की जाएगी. इस फेज में 1931 के बाद पहली बार आजाद भारत में SC-ST के अलावा बाकी सभी जातियों की भी जाति गणना की जा रही है. केंद्र सरकार ने इस फेज के लिए 40 सवालों की एक लिस्ट नोटिफाई की है. इसमें जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार, भाषा, COVID-19 टीकाकरण और बैंक अकाउंट जैसी जानकारियां शामिल हैं. यह दूसरा फेज 1 सितंबर, 2026 से लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में शुरू हो रहा है. देश के बाकी हिस्सों में आबादी और जाति गणना का यह काम फरवरी-मार्च 2027 में शुरू होगा.

कैसे कर सकते हैं स्व-गणना

स्व-गणना की विंडो दोनों चरणों के लिए अलग-अलग समय पर खुलेगी, क्योंकि दोनों चरणों की जमीनी गिनती का समय भी अलग है. नियम के मुताबिक, आपके क्षेत्र में जब भी कोई शुरू होगा, उससे ठीक 15 दिन पहले उस चरण की स्व-गणना का पोर्टल लाइव किया जाएगा. लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में 1 सितंबर से जनसंख्या की गिनती होगी. यानी इससे 15 दिन पहले 17 अगस्त से इन राज्यों में स्व-गणना करने के लिए पोर्टल खुल जाएगा. बाकी राज्यों में फरवरी 2027 में जनसंख्या और जाति गणना होगी. नियम के हिसाब से जमीनी गणना शुरू होने से ठीक पहले लोग 15 दिन तक स्व-गणना कर सकेंगे.

अगर आप खुद ऑनलाइन स्व-गणना करते हैं, तो आपके पास एक यूनीक SE ID होगी. जब सरकारी कर्मचारी आपके घर आएगा, तो उसे आपके घर की डिटेल्स अलग से नहीं डालनी पड़ेंगी या परिवार के सदस्यों के बारे में 40 लंबे सवाल नहीं पूछने पड़ेंगे. वे बस आपकी SE ID को अपने ऐप में स्कैन/डाल देंगे और आपका डेटा दोनों स्टेज के लिए एक साथ सबमिट हो जाएगा. इसके बाद कर्मचारी उसे सत्यापित करेगा.

  • स्व-गणना करने के लिए सबसे पहले भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Census India Self-Enumeration Portal पर जाएं.
  • अपना राज्य/केंद्र शासित प्रदेश चुनें और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें.
  • इसके बाद परिवार के मुखिया (Head of Household) का नाम और एक चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें.
  • आपके मोबाइल पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा, उसे भरकर वेरिफिकेशन पूरा करें.
  • अपनी पसंदीदा भाषा चुनें (यह पोर्टल 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है).
  • अपने घर का पता और लोकेशन भरें
  • अपने निवास स्थान की जानकारी दें, जैसे- जिला, तहसील/शहर, गांव, वार्ड नंबर, पिनकोड और नजदीकी लैंडमार्क.
  • पोर्टल पर एक डिजिटल मैप (नक्शा) खुलेगा. आपको मैप पर लाल पिन को ड्रैग करके अपने घर की सटीक लोकेशन मार्क (जियो-टैग) करनी होगी.
  • मकान और परिवार के सदस्यों का विवरण भरें
  • मकान की जानकारी (फेज 1): आपसे मकान की स्थिति (दीवारें, फर्श, छत किस चीज की हैं), कमरों की संख्या, बिजली, पानी, शौचालय की सुविधा और घर में मौजूद संपत्तियों (जैसे गाड़ी, टीवी, इंटरनेट) से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे.
  • सदस्यों की जानकारी (फेज 2): परिवार के सभी सदस्यों के नाम, उम्र, शिक्षा, व्यवसाय और जाति का विवरण दर्ज करें.
  • डेटा चेक करें और फाइनल सबमिट करें.
  • फॉर्म पूरा भरने के बाद आपके सामने ‘Preview’ स्क्रीन आएगी. पूरी जानकारी को ध्यान से दोबारा जांच लें.
  • यदि कोई गलती हो तो उसे एडिट (संशोधित) कर लें, क्योंकि फाइनल सबमिट करने के बाद डेटा में कोई बदलाव नहीं हो पाएग.
  • सब सही होने पर ‘Final Submit’ बटन दबाएं.

फाइनल सबमिट होते ही स्क्रीन पर 11 अंकों की एक यूनीक SE ID (Self-Enumeration ID) जेनरेट होगी. अपनी SE ID (सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी) संभालकर रखें. इस आईडी का प्रिंटआउट ले लें या इसका स्क्रीनशॉट अपने फोन में सुरक्षित रख लें.

पहली बार हो रही जाति जनगणना

देश में पहली बार जनगणना में जाति की जानकारी भी पूछी जाएगी. इससे पहले हमेशा जनगणना में केवल लोगों की गिनती हुई है. बता दें, जगनणना 2021 में होनी थी, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था. अब जनसंख्या गणना के साथ-साथ जाति गणना भी हो रही है. केंद्रीय कैबिनेट ने जनगणना करने के लिए 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

जरूरी जानकारी

ध्यान रहे कि अगर आप किसी दूसरे राज्य (जैसे बिहार या UP) के रहने वाले हैं और अभी काम के लिए दिल्ली या किसी दूसरे शहर में रह रहे हैं, तो जनगणना वहीं होगी जाएगा जहां आप अभी रहते हैं. हालांकि अपनी जाति बताते समय, आपको वह जाति डालनी होगी जो आपके मूल राज्य में दर्ज है. अगर कोई जानबूझकर अपनी जाति, पढ़ाई या प्रॉपर्टी के बारे में गलत जानकारी देता है, या गिनती करने वाले को गुमराह करता है, तो उस पर सेंसस एक्ट के तहत जुर्माना या सजा का एक्शन लिया जा सकता है.

भारत में कुल 16 बार हुई है जनगणना

भारत में अब तक कुल 16 बार आधिकारिक तौर पर जनगणना हो चुकी हैं, जिन्हें दो बराबर हिस्सों में बांटा जा सकता है- आजादी से पहले और बाद में. आजादी से पहले ब्रिटिश राज में कुल आठ बार जनगणना हुई थीं (1872, 1881, 1891, 1901, 1911, 1921, 1931 और 1941 में). देश में पहली बार जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के समय में हुई थी। 1881 से यह हर 10 साल में अंतराल में होती आ रही है. आजादी के बाद भी कुल सात बार जनगणना हो चुकी है और आठवी जारी है. (1951, 1961, 1971, 1981, 1991, 2001, 2011 और 2026-27 में). आजाद भारत की पहली जनगणना 1951 में हुई थी. वहीं वर्तमान में चल रही 2026-27 की जनगणना देश की 16वीं और आजादी के बाद 8वीं जनगणना है, जो पूरी तरह से डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आधारित है.

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