Stock Market Closing: सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए काफी भारी रहा. सुबह से शुरू हुई बिकवाली कारोबार खत्म होने तक थमती नजर नहीं आई. आखिर में सेंसेक्स 1,124 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 22,800 के लेवल से नीचे फिसल गया. बाजार में गिरावट इतनी ज्यादा रही कि NSE के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए. महंगा कच्चा तेल, कमजोर रुपया, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल मार्केट में उठापटक ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 में 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की गिरावट रही. ये 22,780.25 के लेवल पर बंद हुआ. आज करीब 1,214 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 2,905 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 166 शेयरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ.
बैंक शेयर सबसे ज्यादा दबाव
सोमवार को बाजार में गिरावट किसी एक सेक्टर तक नहीं रही. बैंकिंग, मेटल, ऑटो, रियल्टी, FMCG और ऑयल एंड गैस समेत कई सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली. निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया. निफ्टी रिएलिटी में करीब 2.32 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस में 1.97 प्रतिशत और मेटल इंडेक्स में 1.90 प्रतिशत की गिरावट रही. ऑटो इंडेक्स करीब 1.74 प्रतिशत और FMCG 1.38 प्रतिशत नीचे बंद हुआ. IT इंडेक्स में भी मामूली 0.09 फीसदी की कमजोरी रही. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी बिकवाली से नहीं बच सके. निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 करीब 1.8 प्रतिशत गिरकर बंद हुए. वहीं, इंडिया विक्स में 14.39 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई.
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सबसे ज्यादा गिरावट
निफ्टी 50 के शेयरों में जियो फाइनेंशियल, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स जैसे बड़े शेयर गिरावट में रहे. बजाज ऑटो और HDFC बैंक में भी दबाव देखने को मिला. HDFC बैंक करीब 2.07 प्रतिशत गिरकर 720.40 रुपये पर पहुंचा. वहीं, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में करीब 2.15 प्रतिशत की गिरावट रही. बजाज ऑटो भी 2.11 प्रतिशत नीचे रहा. वहीं, गिरते बाजार में डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़ और इन्फोसिस बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे.
तेल की बढ़ती कीमत
बाजार की गिरावट के पीछे सबसे बड़े कारणों में कच्चे तेल की कीमत शामिल रहीं. सोमवार को कच्चा तेल 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया. वैसे भी, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने की चिंता रहती है. यही वजह है कि निवेशक तेल की कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. इसके अलावा शेयर बाजार के साथ करेंसी मार्केट में भी दबाव देखने को मिला. भारतीय रुपया सोमवार को 95.98 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. शुक्रवार को ये 95.82 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
सोना-चांदी भी फिसले
सोमवार को सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, कमोडिटी मार्केट में भी कमजोरी देखने को मिली. 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 2.5 प्रतिशत गिरकर 1,47,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गईृ. चांदी में भी करीब 3.25 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 2,26,988 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई. ऐसे में अब आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर खासतौर से कच्चे तेल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों पर रहेगी. अगर तेल की कीमतें लगातार ऊंची रहती हैं या विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ती है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. वहीं, अगर मिडिल ईस्ट के तनाव में कमी आती है और कच्चे तेल में नरमी दिखाई देती है, तो बाजार को कुछ राहत मिल सकती है.
News Source: ANI
Stock Market में भूचाल, फिर फिसले Nifty और Sensex; महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया बढ़ा रहे टेंशन
