Home Top News उम्रकैद के खिलाफ आसिया अंद्राबी ने की अपील, दिल्ली HC ने NIA से मांगा जवाब; जानें मामला

उम्रकैद के खिलाफ आसिया अंद्राबी ने की अपील, दिल्ली HC ने NIA से मांगा जवाब; जानें मामला

by Sachin Kumar 3 August 2026, 2:14 PM IST
3 August 2026, 2:14 PM IST
Delhi HC NIA stand appeals Aasiya Andrabi

Asiya Andrabi: कट्टरपंथी अलगाववादी आसिया अंद्राबी और उनके दो साथियों ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने और आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के आरोप में मिली सजा को चुनौती दी है. इस अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को NIA से जवाब मांगा. ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ की संस्थापक अंद्राबी (62) और उनके दो सहयोगी नाहिदा नसरीन (58) तथा सूफी फहमीदा (48) को NIA की विशेष अदालत ने 14 जनवरी को दोषी ठहराया था. वहीं, कोर्ट ने कहा था कि तीनों ने जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता फैलाने के लिए सुनियोजित अभियान चलाया था.

15 सितंबर को करना होगा जवाब दाखिल

देरी से दायर की गई अपील पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करने के बाद माफ कर दिया. अब जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने NIA को नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही बेंच ने सजा पर रोक लगाने वाली अपील पर 15 सितंबर तक जवाब मांगा है. अब मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी.

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इन धाराओं के तहत कोर्ट ने ठहराया दोषी

साल 2021 में अंद्राबी और उनके दो सहयोगियों पर UAPA और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. इन तीनों पर आरोप था कि उन्हें देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी. इसके बाद 14 जनवरी को कोर्ट में तीनों आरोपियों को UAPA की धारा 18 (साजिश के लिए सजा) और धारा 38 (आतंकवादी संगठन की सदस्यता से जुड़ा अपराध) के तहत दोषी पाया गया. इसके अलावा कोर्ट ने IPC की धारा 153 A (अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 153B (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ आरोप या दावे करना), 121-A (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 120B (आपराधिक साजिश) और 505 (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान) के तहत भी दोषी ठहराया.

दोषियों को नहीं हुआ कोई पछतावा

दोषियों को सजा सुनाते हुए NIA की स्पेशल कोर्ट ने कहा था कि इस काम को करने के लिए दोषियों में से किसी को भी कोई पछतावा नहीं था. इसके अलावा दोषियों ने कहा कि उन्हें अपने काम पर गर्व है और वह ऐसा कार्य आगे भी करेंगे. इस जवाब के बाद कोर्ट ने कहा कि दोषियों के प्रति कोई भी नरमी दिखाने का मतलब है कि उनके नकारात्मक कार्यों को बढ़ावा देना है. साथ ही भारत के एक अभिन्न हिस्से को भी अलग करना है. बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर NIA ने आसिया अंद्राबी और DeM के खिलाफ केस दर्ज किया था. FIR के अनुसार, आसिया अंद्राबी और उनके दो सहयोगी एक आतंकवादी संगठन ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ चला रहे हैं और इसके बाद UAPA की पहली अनुसूची के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया.

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