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Telegram को लगा झटका, “बैन रहेगा ऐप, केंद्र का आदेश सही” दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

by Neha Singh 19 June 2026, 12:46 PM IST (Updated 19 June 2026, 12:48 PM IST)
19 June 2026, 12:46 PM IST (Updated 19 June 2026, 12:48 PM IST)
Delhi HC on Telegram Ban

Delhi HC on Telegram Ban: दिल्ली हाई कोर्ट से टेलीग्राम को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने शुक्रवार को टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के एक्सेस पर कुछ समय के लिए लगी रोक को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है और केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया है. जस्टिस तेजस करिया की वेकेशन बेंच ने फैसले के खास हिस्सों को बोलते हुए कहा, “सभी दलीलों पर गौर करने के बाद, हम पाते हैं कि इमरजेंसी को देखते हुए, दिए गए कारण काफी हैं और सरकार ने सेक्शन 69A में दिए गए प्रोसीजर को फॉलो किया है.”

सरकार का फैसला सही

इंडियन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट, 2000 का सेक्शन 69A, केंद्र को नेशनल सिक्योरिटी, पब्लिक ऑर्डर और सॉवरेनिटी की रक्षा के लिए किसी भी ऑनलाइन जानकारी, वेबसाइट या एप्लिकेशन तक पब्लिक एक्सेस को ब्लॉक करने का अधिकार देता है. जज ने कहा कि टेलीग्राम की यह दलील कि कारण नहीं बताए गए, सही नहीं मानी जा सकती. केंद्र ने आदेश बिना सोचे-समझे नहीं दिया है, उनके पास मजबूत आधार है. जस्टिस करिया ने कहा, “रिस्पॉन्डेंट 1 (केंद्र) को सेक्शन 69A के तहत टेलीग्राम का एक्सेस ब्लॉक करने का निर्देश देने का अधिकार है. प्रोपोर्शनैलिटी का टेस्ट पूरा होता है.”

अफवाह और फर्जी खबरों को रोकने के लिए लगा बैन

केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है. सरकार का कहना है कि यह कदम पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्रों के प्रसार और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है. वहीं, टेलीग्राम का कहना है कि पूरे प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने से करोड़ों यूजर्स प्रभावित होंगे. टेलीग्राम ने सोशल मीडिया इंटरमीडियरी के बीच भेदभाव वाले बर्ताव और आर्टिकल 14 के उल्लंघन का हवाला देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

कोर्ट में दी गईं ये दलीलें

गुरुवार को बहस के दौरान, कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से सवाल किया था कि 150 मिलियन से ज़्यादा टेलीग्राम यूजर्स के अधिकारों में कटौती करना सही है, क्योंकि कुछ स्टूडेंट्स री-एग्जाम में बैठने वाले हैं. सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में टेलीग्राम का नाम उसकी कुछ तकनीकी सुविधाओं के कारण गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर सामने आया है. सरकार ने अदालत के सामने अलग-अलग देशों में टेलीग्राम के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी रखा.

वहीं, टेलीग्राम की ओर से कहा गया कि उसे आपत्तिजनक चैनलों या अकाउंट्स को ब्लॉक किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना सही नहीं है. कंपनी के मुताबिक, भारत में उसके करीब 15 करोड़ यूजर्स हैं और इस आदेश का असर उन सभी पर पड़ेगा.

30 जून तक बंद रहेगा मैसेज-एडिटिंग फीचर

NTA की सिफारिशों पर काम करते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MeitY) ने 16 जून को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के सेक्शन 69A के तहत एक निर्देश जारी किया, जिसमें भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के एक्सेस को 22 जून तक रोक दिया गया है. वहीं मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून तक के लिए ब्लॉक किया गया है. सरकार के मुताबिक, अगर कोई पीडीएफ पेपर से पहले अपलोड किया जाए और बाद में पेपर होने के बाद उसे एडिट करके असली प्रश्न पत्र अपलोड कर दिया जाए, तो यह पता लगाना मुश्किल है कि वह कब और किस रूप में शेयर की गई थी. तुषार मेहता ने दावा किया कि साल 2024 के परीक्षा विवाद में भी टाइमस्टैम्प से छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे.

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News Source: PTI

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