Gandhi Jayanti 2026: गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार को देश ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धापूर्वक याद किया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें नमन किया. साथ ही उनके सत्य, अहिंसा, शांति और सेवा के संदेश को आज के दौर में भी बहुत प्रासंगिक बताया. वहीं, पीएम मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, दृढ़ता और देश के प्रति समर्पण को याद किया.
राजघाट पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने वहां आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी हिस्सा लिया. गांधी जयंती के अवसर पर अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष का माहौल है. ऐसे समय में महात्मा गांधी का शांति और अहिंसा का संदेश पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है. राष्ट्रपति ने कहा कि गांधी के विचार भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान के साथ देखे जाते हैं. उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि देश 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस यात्रा में संवेदना और समावेशिता को महत्व देना गांधी के ‘सर्वोदय’ के विचार को दर्शाता है. उन्होंने देशवासियों से नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के जरिए सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की.
मानवता का मार्गदर्शक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गांधी जयंती पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि बापू का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा की प्रेरणा देता है और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा. पीएम मोदी ने इस मौके पर भगवद्गीता के एक श्लोक को भी साझा किया, जिसमें सभी प्राणियों के प्रति द्वेष रहित रहने, मित्रता, करुणा और समान भाव जैसे विचारों पर जोर दिया गया है. एक अन्य संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया. उन्होंने स्वदेशी और खादी के प्रति बापू के आग्रह को भी याद किया. पीएम मोदी ने लोगों से 2 अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदने और गर्व से उसे ‘स्वदेशी’ कहने की अपील की.
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‘जय जवान, जय किसान’
गांधी जयंती के साथ 2 अक्टूबर को देश के दूसरे महान नेता और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है. पीएम मोदी ने शास्त्री को याद करते हुए उनकी सादगी और देश के प्रति समर्पण को प्रेरणादायक बताया. उन्होंने शास्त्री के प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान, जय किसान’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस मंत्र ने देश के सैनिकों और किसानों में नया उत्साह पैदा किया. प्रधानमंत्री ने शास्त्री को विनम्र लेकिन दृढ़ व्यक्तित्व वाला नेता बताते हुए कहा कि अपने छोटे कार्यकाल के बावजूद उन्होंने देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया.
इन नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विजय घाट पहुंचकर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेताओं ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की.
देशभर में गांधी जयंती का रंग
गांधी जयंती पर देश के अलग-अलग हिस्सों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए. ओडिशा के पुरी में पद्मश्री सुदर्शन पटनायक के सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट के छात्रों ने गांधी जयंती के मौके पर रेत से विशेष कला प्रस्तुति तैयार की. राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित सचिवालय में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी. वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में श्रमदान कार्यक्रम में हिस्सा लिया. हरियाणा के गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वच्छ भारत अभियान में हिस्सा लेकर लोगों से शहर को साफ रखने की अपील की. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भी गांधी जयंती पर ‘स्वच्छाथॉन 2026’ का आयोजन किया गया.
2 अक्टूबर का महत्व
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. भारत में ये दिन गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र भी 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाता है. वहीं, लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्तूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था. उन्होंने 1964 से 1966 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली. दो महान नेताओं की जयंती एक ही दिन होना 2 अक्टूबर को और खास बना देता है. एक ने सत्य और अहिंसा को जीवन का हथियार बनाया, तो दूसरे ने सादगी, अनुशासन और ‘जय जवान, जय किसान’ के जरिए देश की सेवा की. यही वजह है कि 2 अक्टूबर सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि भारत के मूल्यों और देशसेवा की याद दिलाने वाला दिन है.
News Source: ANI
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