MP Government: मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेतृत्व में मध्य प्रदेश की कैबिनेट ने 29 सितंबर को कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई. कैबिनेट ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की युवाओं को सशक्त बनाने की मंशा के अनुरूप मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है.
MP में मोबिलिटी का नया दौर शुरू, 7 शहरों में दौड़ेंगी 351 बसें; गडकरी और मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी
अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण
कैबिनेट के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. इसी तरह गृह विभाग अंतर्गत विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों 20 प्रतिशत, जेल विभाग अंतर्गत जेल प्रहरी में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20, वन विभाग अंतर्गत वन रक्षक में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत आबकारी आरक्षक में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजेन्टल) दिए जाने का निर्णय लिया गया है.

छात्र और छात्राओं के लिए 348 करोड़ स्वीकृत
कैबिनेट ने सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र और छात्राओं के लिए गणवेश की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में प्रदान करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. कैबिनेट ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय प्रदाय संबंधी योजना को आगामी 5 वर्षों 2026-27 से 2030 -31 तक निरंतर संचालन के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. प्रदेश के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में शिक्षकों के विषयमान से स्वीकृत पदों में से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था की जाती है. प्रदेश में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत है.
सिंगरौली जिला अस्पताल का विस्तार, होंगे 605 बेड
कैबिनेट ने जिला चिकित्सालय सिंगरौली में अतिरिक्त 155 बिस्तरों की वृद्धि करते हुए 450 से 605 बेड करने की स्वीकृति दी है. इसके अलावा बॉयोमेडिकल उपकरण एवं अस्पताल फर्नीचर आदि कार्य के लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में जिला चिकित्सालय सिंगरौली के परिसर में 400 बिस्तरीय अस्पताल भवन एवं 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के एकजाई भवन निर्माण कार्य के लिए 188 करोड़ 72 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी.
दमोह-कटनी मार्ग के लिए इतनी राशि स्वीकृत
कैबिनेट ने दमोह-कटनी मार्ग निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. परियोजना निर्माण लागत की 40 प्रतिशत राशि 865 करोड़ 15 लाख रुपये का भुगतान निर्माण अवधि के दौरान मप्र सडक विकास निगम द्वारा लिये जा रहे ऋण के माध्यम से किया जाएगा. निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि, एन्यूटी, ओएण्डएम, ब्याज, निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) एवं सुपरविजन चार्जेस के लिए कुल राशि 3,605 करोड़ 15 लाख रुपये व्यय किए जाने के लिए शासन द्वारा अनुमोदन किया गया है.
लोक स्वास्थ्य केंद्रों का होगा सुदृढ़ीकरण
मंत्रिपरिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य, उप स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण से संबंधित योजना के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है. इसी तरह ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम का सुदृढीकरण से संबंधित योजना के लिए 20 करोड़ 90 लाख रुपये और औषधि नियंत्रण से संबंधित योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति दी है.

मंत्रिपरिषद ने छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों का निर्माण तथा सभी संबद्ध सेवाओं सहित बाहय विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है. वर्ष 2022 में छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों के निर्माण के लिए 768 करोड़ 22 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी. वर्तमान में शासन द्वारा जीएसटी की दरों को 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत होने से अंतर की राशि, डेडीकेडेट विद्युत फीडर लाईन, नगर पालिक निगम द्वारा भवन अनुज्ञा फीस में वृद्धि होने के फलस्वरूप 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है.
जारी रहेगी मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना
मंत्रिपरिषद ने दतिया जिले की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से दतिया जिले के 78,484 हेक्टेयर में क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है. मंत्रिपरिषद ने नीमच जिले की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 524 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है. परियोजना अन्तर्गत गांधीसागर जलाशय से जल उद्वहन कर नीमच जिले के 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है.
बण्डा सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ मंजूर
मंत्रिपरिषद ने उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को प्रवेश करने से रोकना है. यह योजना 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दृष्टिगत निर्माणाधीन है.
इसके तहत प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी हुई नहर के माध्यम से मोड़ कर प्रदूषित पानी को गंभीर नदी तक पहुंचाना है. मंत्रिपरिषद ने सागर जिले के बण्डा तहसील के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,052 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सागर जिले के 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करना है.
1 रुपये प्रति किलो की दर से होगा खाद्यान्न वितरण
मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों और आश्रमों की तरह ही विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहवासियों को भोजन के लिए 1 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण किए जाने की स्वीकृति दी है. इसके लिए वितरित खाद्यान्न पर राज्य अनुदान का भुगतान विद्यार्थियों को रियायती दर पर राज्य शासन से अनुदान मद अंतर्गत होगा. मंत्रिपरिषद ने मउगंज, छिन्दवाडा, मैहर और टीकमगढ जिलों में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालय के लिए 3-3 नवीन पद कुल 12 नवीन पदों के सृजन के साथ हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति दी है.
घर से शुरू जनहित का संकल्प, सड़क चौड़ीकरण के लिए CM मोहन यादव ने अपने पैतृक घर पर चलाई कुदाली
स्वीकृत पदों को विभागीय भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अधिकृत किया गया है. मंत्रिपरिषद ने मप्र उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत भूमि के अंतरण पर उपकर का ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 3,580.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में भूमि व संपत्तियों का क्रय-विक्रय और उनका पंजीयन एक सतत वैधानिक प्रक्रिया है, जिससे उपकर की राशि निरंतर प्राप्त होती है. इस राशि का उपयोग त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (मुख्यतः जनपद व जिला पंचायतों) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए किया जाता है.
विधि विभाग के लिए मिले 1,342 करोड़
मंत्रिपरिषद ने विधि विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है. यह राशि न्यायिक अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर व्यय की जाएगी. स्वीकृति अनुसार प्रमुख रूप से उच्च न्यायालय भवन व आवासीय परिसर निर्माण के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा.

इसके अलावा अधिवक्ता कल्याण, एडीआर सेंटर्स, लोक अदालत और विभागीय आईटी व पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई है. मंत्रिपरिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति दी है.
वनोपज एवं खनिज परिवहन की नई दरों का अनुमोदन
मंत्रिपरिषद ने राज्य में उत्पादित वनोपज (खनिज वनोपज, लघु वनोपज एवं बांस को छोड़कर) तथा अन्य राज्यों से आयातित वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) शुल्क की नवीन दरों को स्वीकृति प्रदान की है. इसके साथ ही खनिज वनोपजों के परिवहन पर भी प्रति टन की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है. सामान्य वनोपज के परिवहन के लिए एक घनमीटर तक की मात्रा पर 200 रुपये का शुल्क तय किया गया है. एक घनमीटर से अधिक मात्रा होने की स्थिति में पहले घनमीटर के लिए 200 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देय होंगे.
MP के किसानों को मिलेगी दिन में 10 घंटे बिजली, CM मोहन यादव का ऐलान; सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
