Jantar Mantar : दिल्ली के जंतर मंतर पर जा रहे दो युवकों के साथ बदसलूकी का मामला गरमा गया है. सोशल मीडिया पर 25 जुलाई को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक हिंदूवादी संगठन से जुड़ा कार्यकर्ता उन्हें परेशान कर रहा था और इस दौरान कार्यकर्ता ने स्टूडेंट को कई थप्पड़ भी जड़े थे. वहीं, थप्पड़ मारने वाले आरोपी की पहचान सत्यम पंडित के रूप में हुई है. मामला काफी गरमाने के बाद अब इन युवकों ने सरकार और पुलिस से दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
युवाओं ने व्यक्त किया रोष
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सत्यम पंडित उन दो युवकों से उनके नाम, पते और धर्म के बारे भी पूछता हुआ भी दिख रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद युवा काफी गुस्से में है. इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा और आरोपी की तत्काल प्रभाव से गिरफ्तारी की मांग की. आपको बताते चलें कि पीड़ित आयुष रंजन और राहुल पाल बरेली के महादेव इलाके के रहने वाले हैं. इस घटना के बाद पुलिस ने वहां पर सुरक्षा बढ़ा दी है.
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23 जुलाई को आए थे दिल्ली
युवकों का कहना है कि आयुष अपने दोस्त राहुल के साथ NEET पेपर लीक मामले पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे थे. दोनों युवक 23 जुलाई को दिल्ली आए थे और एक गुरुद्वारे में रात बिताई थी.
इलाके में बढ़ाई गई पुलिस सुरक्षा
इसी बीच आयुष ने कहा कि 25 जुलाई की सुबह जब वे जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे. तभी अचानक एक कार सामने आकर रुकी. कुछ युवक बाहर निकले और उन पर हमला करने लगे. आयुष ने आगे कहा कि हमलावरों में से एक ने अपना नाम सत्यम पंडित बताया. उन्होंने यह भी बताया कि जब यह हादसा घट रहा था उसके आसपास पुलिस मौजूद थी. उन्हें उस वक्त लगा कि उनकी शिकायतें नहीं सुनी जाएंगी और यही कारण रहा कि उन्होंने मौके पर शिकायत दर्ज नहीं कराई. सोशल मीडिया पर युवकों को समर्थन मिलने के बाद उन्होंने सरकार से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए. दूसरी तरफ फरीदपुर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष राधेश्याम ने कहा कि आयुष रंजन और राहुल पाल महादेव इलाके के निवासी हैं. उन्हें कोई खतरा नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि इलाके मेमं पुलिस की मौजूदगी को बढ़ा दिया गया है.
भारी विवाद के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हर किसी को भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार, अपमानजक भाषा और हिंसा पर ध्यान देना चाहिए. उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए. भाजपा सदस्य अपने स्वयं के शब्द का भी सम्मान नहीं करते हैं. भाजपा विश्वास के विपरित हो चुकी है.
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