Home Top News चीन ने कर दिया कन्फर्म, 7 साल बाद BRICS समिट में हिस्सा लेने भारत आ रहे शी जिनपिंग

चीन ने कर दिया कन्फर्म, 7 साल बाद BRICS समिट में हिस्सा लेने भारत आ रहे शी जिनपिंग

by Neha Singh 10 September 2026, 4:47 PM IST (Updated 24 September 2026, 1:43 PM IST)
10 September 2026, 4:47 PM IST (Updated 24 September 2026, 1:43 PM IST)
XI Jinping India Visit

XI Jinping India Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस हफ़्ते नई दिल्ली में 18वें BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह घोषणा की. यह शी का लगभग सात सालों में पहला भारत दौरा होगा. विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर, राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में 18वें BRICS समिट में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री और जिनपिंग के बीच एक हाई-प्रोफाइल डिप्लोमैटिक बातचीत होने की उम्मीद है, जिसका असर दो एशियाई ताकतों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की चल रही कोशिशों के साथ-साथ अस्थिर वैश्विक स्थिति पर पड़ सकता है.

गलवान गतिरोध के बाद पहला दौरा

भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS समिट की मेजबानी करेगा. शी पिछली बार 2019 में चेन्नई के पास मामल्लापुरम में मोदी के साथ एक अनौपचारिक समिट के लिए भारत आए थे. वह इससे पहले 2016 में BRICS समिट में शामिल होने के लिए गोवा आए थे और सितंबर 2014 में भारत के अपने पहले दौरे पर आए थे, जब उन्होंने पीएम मोदी के साथ लंबी बातचीत की थी. 2014 का दौरा दोनों नेताओं के पहले कार्यकाल के दौरान हुआ था. शी का यह दौरा भारत-चीन रिश्तों के लिए काफी अहम है, क्योंकि यह 2020 के पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद लंबे समय तक रुके रिश्तों को सामान्य करने की कोशिशों के बीच हो रहा है. शी के दौरे से पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पिछले महीने बीजिंग में सीमा मुद्दे, सीमा पर शांति बनाए रखने और आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने के कदमों पर लंबी बातचीत की थी.

रिश्ते सुधरने की उम्मीद

BRICS समिट के दौरान मोदी-शी की मीटिंग पर भारत-चीन रिश्तों के भविष्य के संकेतों के लिए करीब से नजर रखने की उम्मीद है. नई दिल्ली में होने वाला BRICS समिट दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका को एक साथ लाएगा और उम्मीद है कि बहुपक्षीय सहयोग ग्रुपिंग के एजेंडा का मुख्य हिस्सा रहेगा. BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्लोबल गवर्नेंस में ज्यादा रिप्रेजेंटेशन की वकालत करने, इंटरनेशनल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन में सुधार करने, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट लिंक को मजबूत करने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक अहम प्लेटफॉर्म बन गया है.

साझा हितों पर होगी चर्चा

चीनी अधिकारियों के मुताबिक, शी का BRICS में हिस्सा लेना फ्रेमवर्क के प्रति बीजिंग के लगातार कमिटमेंट और ज्यादा समावेशी ग्लोबल ऑर्डर बनाने में उनकी भूमिका को दिखाता है. चर्चा में कई तरह के साझा हितों पर बात होने की उम्मीद है, जिसमें BRICS के अंदर ट्रेड बढ़ाना, पेमेंट सिस्टम को मजबूत करना, साइंस और टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन को सुलझाना और बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करना शामिल है. बता दें, 12 से 13 सितंबर के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है. सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

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