Vladimir Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत दौरे पर आए हैं. पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर बहुपक्षीय व्यापार, निवेश और एनर्जी सहयोग को बढ़ाने के लिए तीन दिन के भारत दौरे पर हैं. पुतिन के साथ एक हाई-लेवल डेलीगेशन भी भारत आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “18वें BRICS समिट के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दिल से स्वागत है. एयरपोर्ट पर MoS के वी सिंह ने उनकी अगवानी की. भारत और रूस के बीच कई तरह के और लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते हैं, जो स्पेशल और प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर आधारित हैं.”
बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे पुतिन
व्लादिमीर पुतिन के मौर्य होटल में रुकेंगे, जिसके लिए होटल को एक मजबूत किले में बदल दिया गया है. पुतिन की सुरक्षा के लिए चार लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है. फरवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से यह रूस के बाहर BRICS समिट में पुतिन की पहली व्यक्तिगत भागीदारी होगी. समिट के अलावा, रूसी राष्ट्रपति बिजनेस फोरम से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. पुतिन के शेड्यूल में प्रधानमंत्री मोदी के साथ दूसरी मीटिंग्स के अलावा कई इंटरनेशनल लीडर्स के साथ बाइलेटरल मीटिंग्स भी शामिल हैं. वे आज दोपहर में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे. BRICS समिट के दौरान रूसी राष्ट्रपति के साउथ अफ्रीका, मलेशिया और इजिप्ट समेत कई देशों के लीडर्स के साथ बातचीत करने की उम्मीद है.
ब्रह्मोस और S-400 पर होगी चर्चा
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि दोनों पक्ष ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेड पर भी विचार कर रहे हैं और मॉस्को अपने बाकी S-400 सिस्टम की डिलीवरी पूरी करने और Su-57 फाइटर जेट की प्रस्तावित सप्लाई पर चर्चा करने के लिए प्रतिबद्ध है. रूसी अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच एनर्जी संबंध मजबूत बने हुए हैं और दोनों पक्ष भारत के नए सिविल न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने के प्लान पर बातचीत करने पर विचार कर रहे हैं.
जिनपिंग आएंगे भारत
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन पिछली बार 31 अगस्त को बिश्केक में SCO समिट के दौरान मिले थे. उस मीटिंग में, दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में भारत-रूस के सहयोग का रिव्यू किया था. BRICS समिट 2026 के बड़े डिप्लोमैटिक इवेंट्स में से एक प्रधानमंत्री मोदी और चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के बीच मीटिंग है. शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे और शनिवार शाम को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक करेंगे.
ये ग्लोबल लीडर्स होंगे शामिल
नई दिल्ली में यह समिट ऐसे समय में हो रहा है जब ग्लोबल इकॉनमी रूस-यूक्रेन युद्ध, वेस्ट एशिया संकट, खासकर होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी और ट्रंप प्रशासन की ट्रेड और टैरिफ पॉलिसी के बुरे असर का सामना कर रही है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के काउंटरपार्ट प्रबोवो सुबियांटो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, मलेशिया के प्राइम मिनिस्टर अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग समिट में शामिल होने वाले टॉप लीडर्स में शामिल हैं.
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