Home राष्ट्रीय 56 साल बाद मिले सैनिक के अवशेष, परिवार में खुशी भी और थोड़ा दुख भी; जानें क्या है मामला

56 साल बाद मिले सैनिक के अवशेष, परिवार में खुशी भी और थोड़ा दुख भी; जानें क्या है मामला

by Sachin Kumar 1 October 2024, 7:04 PM IST (Updated 29 November 2024, 4:29 PM IST)
1 October 2024, 7:04 PM IST (Updated 29 November 2024, 4:29 PM IST)
Himachal Pradesh IAF Plane Crash Soldier remains found 56 years family happy and sad

Himachal Pradesh IAF Plane Crash : 56 साल पहले रोहतांग में IAF का विमान दुर्घटना का शिकार हो गया था. इसके बाद अब सेना ने चार शवों को ढूंढ निकाला है और उसमें चेरियन नाम के शख्स को पहचान लिया गया है.

01 October, 2024

Himachal Pradesh IAF Plane Crash : हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे में 56 साल पहले भारतीय वायु सेना (IAF) का एक विमान दुर्घटना का शिकार हो गया था. इस घटना के 56 साल बाद 4 शव मिले हैं. एक सैन्य अभियान दल ने बर्फ से ढके पहाड़ों से यह शव ढूंढे हैं. उसमें सवार केरल के निवासी चेरियन के अवशेष सेना ने कड़ी मशक्कत के बाद खोजे हैं. इस पर चेरियन के भाई ने कहा कि यह हमारे लिए काफी खुशी की बात है और दुख की भी. खुशी इसलिए यह क्योंकि मैं अपने सबसे प्रिय भाई को अंतिम विदाई सम्मान दे सकता हूं.

दुर्घटना के समय 102 यात्री सवार

आपको बतातें चले कि 7 फरवरी, 1968 को चंडीगढ़ से लेह की तरफ जाते हुए दो इंजन वाला टर्बोप्रॉप परिवहन विमान एए-12 लापता हो गया था, उस वक्त विमान में 102 यात्री सवार थे. जब विमान दुर्घटना ग्रस्त का शिकार हुआ तो उसके दशकों बाद भी पीड़ितों के अवशेष और विमान के मलबे का भी पता नहीं चल पाया था. चेरियन का शव मिलने के बाद उनके भाई-बहन ने कहा कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि उन्हें अपने भाई को उसकी मृत्यु के दशकों बाद औपचारिक विदाई देने का मौका मिलेगा.

चेरियन अपने बहन-भाईयों के सबसे प्रिय

वहीं, चेरियन की बहन ने कहा कि जब विमान दुर्घटना हुई थी उस वक्त मेरी उम्र 12 वर्ष थी. आज भी मेरे भाई की कई यादें मुझे याद हैं क्योंकि वह जब भी घर आते थे तो बहुत सारे खिलौने और खानी की चीजें लेकर आते थे. उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना तब हुई थी जब चेरियन अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपनी पोस्टिंग के लिए लद्दाख की ओर जा रहे थे. बहन की माने तो सेना में शामिल होने के बाद चेरियन सिर्फ दो या तीन बार ही घर पर हमारे परिवार से मिलने के लिए आए थे. बहन ने कहा कि चेरियन का अवशेष मिलना हमें लगता है कि आशीर्वाद जैसा है, इसके लिए हम ईश्वर के आभारी हैं.

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