New Age Defence Force: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युद्ध के बदलते तरीके के लिए भारत को न केवल अपनी सेना को बल्कि नए जमाने के खतरों के खिलाफ आम लोगों की तैयारी को भी मजबूत करने की जरूरत है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सिविल डिफेंस वॉलंटियर फोर्स को मॉडर्न बनाने के प्लान की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि पहले लड़े गए पारंपरिक युद्धों के जवाब में बनाया गया सिस्टम अब काफी नहीं है.
‘युद्ध सिर्फ बॉर्डर पर नहीं लड़े जा रहे’
मोदी ने कहा, “आज युद्ध का तरीका बदल रहा है. अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि युद्ध सिर्फ बॉर्डर पर ही लड़ा जाएगा.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खतरे लड़ाई के मैदान से दूर भी आ सकते हैं और रिफाइनरियों, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटरों, फैक्ट्रियों और दूसरे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, “इस बदलते समय में, हमें अपनी सेना की क्षमता बढ़ानी होगी, लेकिन साथ ही हमें अपने नागरिकों को भी तैयार करना होगा. देश का मौजूदा सिविल डिफेंस सिस्टम, जो पहले के समय में लड़े गए युद्धों की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया था, पुराना हो गया है और इसे आज की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा.
उन्होंने कहा, “आज, लाल किले की प्राचीर से, मैं घोषणा करता हूं कि आने वाले दिनों में, हम सिविल डिफेंस का एक मज़बूत नेटवर्क बनाएंगे. हम उन्हें मॉडर्न सिस्टम से परिचित कराएंगे.” उन्होंने कहा कि सरकार आज के संकटों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों की जांच करेगी और आज के खतरों का सामना करने में सक्षम एक “बड़ी, मॉडर्न सिविल डिफेंस वॉलंटियर फोर्स” बनाएगी.
पहलगाम तनाव के समय हुआ था टेस्ट
सिविल डिफेंस रूल्स, 1968 उस समय के पारंपरिक युद्ध की कई चिंताओं को दिखाते हैं. इनमें रोशनी और आवाज़ों पर कंट्रोल, दुश्मन के विमानों से सुरक्षा, लोगों को निकालना, आग से बचाव, बचाव सेवाएं और सिविल डिफेंस के लिए जनता को ट्रेनिंग जैसे उपाय दिए गए थे. इस सिस्टम का पिछले साल मई में एक बड़ा टेस्ट हुआ था, जब सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच देश भर में सिविल डिफेंस एक्सरसाइज ‘ऑपरेशन अभ्यास’ चलाया था. गृह मंत्रालय के मुताबिक, 7 मई, 2025 की एक्सरसाइज में 400 ज़िले शामिल थे, जिसमें 244 कैटेगरी वाले सिविल डिफेंस जिले शामिल थे. इस एक्सरसाइज में भारतीय वायु सेना के साथ एयर-रेड अर्ली-वॉर्निंग लिंक को एक्टिवेट करना, ब्लैकआउट के उपाय, इवैक्युएशन ड्रिल और जरूरी जगहों की सुरक्षा के उपाय शामिल थे.
सुरक्षित भारत बनाना सामूहिक जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने प्रस्तावित सिविल डिफेंस ओवरहॉल को भारत की डिफेंस क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए सरकार के बड़े पैमाने पर प्रयासों से जोड़ा. उन्होंने पिछले साल लाल किले से घोषित “मिशन सुदर्शन चक्र” का ज़िक्र किया, जिसका मकसद स्ट्रेटेजिक और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को मजबूत करना था और कहा कि इस पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “एक सुरक्षित भारत बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है. चुनौती चाहे हमारी सीमाओं के अंदर से हो या उनके पार से, भारत हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है.”
News Source: PTI
