Rajpal Yadav: बॉलीवुड के फेमस कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं. अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से करोड़ों लोगों को हंसाने वाले एक्टर को अब दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े कई मामलों में उनकी सजा को बरकरार रखते हुए 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है. हालांकि, उन्हें राहत देते हुए अदालत ने इस आदेश पर 2 महीने की रोक भी लगाई है, ताकि वो ऊपरी अदालत में अपील कर सकें.
खारिज हुई याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए राजपाल यादव की याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ दायर अपील में हुई करीब 1,894 दिनों यानी 5 साल से ज्यादा की देरी को माफ करने की मांग की थी. कोर्ट ने इस देरी को एक्सेप्ट करने से इनकार कर दिया. इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि राजपाल यादव ने कई बार शिकायतकर्ता को पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन बार-बार अपने वादे से पीछे हटते रहे. कोर्ट ने ये भी बताया कि उसने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिर में एक्टर ने आगे कोई भी भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया.
इस बात ने खींचा ध्यान
फैसले में एक कमेंट ने सभी का ध्यान खींचा. दरअसल, अदालत ने कहा कि सुनवाई के आखिरी दिन राजपाल यादव ने खुद कहा कि वो कोई पैसा नहीं देना चाहते और पैसे लौटाने के बजाय 5 बार जेल जाना पसंद करेंगे. इस पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं है, जिसे किसी एक्टर के हिसाब से बदला जा सके. इसके अलावा हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को सातों मामलों में तीन-तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है. साथ ही हर मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश भी दिया है. अगर जुर्माना जमा नहीं किया गया तो हर मामले में 6 महीने की जेल की सज़ा होगी. कोर्ट ने ये भी कहा कि जुर्माने की राशि में से लगभग 1.04 करोड़ रुपये शिकायतकर्ता को दिए जाएंगे, जबकि 25 हजार रुपये राज्य सरकार को मिलेंगे.
राजपाल यादव को मिली बड़ी राहत, 1.5 करोड़ जमा करने के बाद कोर्ट ने दी अंतरिम जमानम
पत्नी को भी नहीं राहत
राजपाल यादव की पत्नी राधा राजपाल यादव को भी राहत नहीं मिली. अदालत ने उन्हें भी हर मामले में करीब 5.5 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है. अगर वो जुर्माना नहीं भरती हैं तो उन्हें भी 3 महीने की जेल की सजा भुगतनी होगी. वैसे, ये पूरा मामला साल 2010 से जुड़ा है. आरोप है कि एक फिल्म बनाने के लिए शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राजपाल यादव को 5 करोड़ रुपये दिए थे. बाद में दोनों पक्षों के बीच साल 2012 में समझौता हुआ, जिसके तहत ब्याज सहित करीब 11 करोड़ रुपये लौटाने पर सहमति बनी. इसके बाद 2013 में राजपाल यादव ने 7 चेक दिए, लेकिन सभी चेक बैंक से बाउंस हो गए. इसी के बाद ये कानूनी विवाद शुरू हुआ.
राजपाल को बताया दोषी
इस मामले में निचली अदालत ने साल 2018 में राजपाल यादव को दोषी ठहराया था. बाद में 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को सही माना. शुरुआत में उन्हें 6 महीने की जेल की सजा मिली थी, जिसे बाद में घटाकर 3 महीने कर दिया गया. राजपाल यादव ने कोर्ट में ये दलील दी कि उनके पुराने वकील की गलत कानूनी सलाह पर अपील दाखिल नहीं हो सकी. राजपाल का कहना था कि उन्हें लगता था कि उनकी सजा के खिलाफ पहले ही कानूनी चुनौती दी जा चुकी है. लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया. अदालत ने कहा कि राजपाल यादव एक जानें-मानें एक्टर हैं, उनके पास रिसोर्सेज हैं और इस दौरान कई एक्सपीरियंस्ड वकील उनकी पैरवी कर चुके हैं. ऐसे में 5 साल तक भ्रम में रहने की दलील भरोसेमंद नहीं मानी जा सकती. फिलहाल अदालत ने सजा पर 2 महीने की रोक लगाई है, जिससे एक्टर के पास ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाने का मौका रहेगा.
News Source: PTI
