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मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर खरगे ने PM मोदी को घेरा, कहा- वह ऐतिहासिक इमारत को…

by Sachin Kumar
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Congress vs BJP Politics : वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर प्रशासन की तरफ से किए जा रहे पुनर्विकास को लेकर लोग भड़क गए हैं. लोगों का कहना है कि यह विरासत पर हमला है.

Congress vs BJP Politics : वाराणसी में स्थित मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक घमासान मच गया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने कहा गुरुवार को वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के रीडेवलपमेंट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि हर एक ऐतिहासिक विरासत को मिटाकर वह सिर्फ अपनी नेमप्लेट लगाना चाहते हैं. बता दें कि मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास परियोजना के तहत मंगलवार से प्रशासनन ने बुलडोजर से एक प्राचीन मणि यानी चबूतरे को ध्वस्त कर दिया. साथ ही इस चबूतरे के साथ लगी देवी-देवताओं और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियां टूटने का वीडियो वायरल होने के बाद पाल समाज के लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे.

100 साल मूर्ति तोड़ने का लगाया आरोप

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में ने कहा कि पीएम मोदी रिनोवेशन के बहाने मणिकर्णिका घाट की दुर्लभ प्राचीन विरासत को गिराने का अपराध किया है, जिसका वर्णन गुप्त काल में किया गया था और बाद में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने इसका जीर्णोद्धार करवाया था. उन्होंने आगे कहा कि इस जगह का सौंदर्यीकरण और कमर्शियलाइजेशन के नाम पर प्रधानमंत्री ने वाराणसी मणिकर्णिका घाट पर सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को गिराने के लिए बुलडोजर चलाने का आदेश दिया है. खरगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आप हर ऐतिहासिक विरासत को मिटाकर सिर्फ अपनी नेमप्लेट लगाना चाहते हैं. प्रदर्शकारियों ने मणिकर्णिका घाट के रीडेवलपमेंट प्लान के तहत तोड़फोड़ अभियान का विरोध किया है और अहिल्याबाई होल्कर की 100 पुरानी मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.

साफ-सफाई के किया जा रहा पुनर्विकास

वहीं, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बुधवार को कहा कि जितनी भी कलाकृतियां वहां मौजूद है उन्हें संस्कृति विभाग ने सुरक्षित करके रख लिया है. साथ ही पुनर्विकास का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, उसके बाद उन्हें स्थापित कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बदलाव का सीधा सा मकसद साफ-सफाई और प्रबंधन को बेहतर करना है, क्योंकि यहां पर प्रतिदिन भारी संख्या में लोग अंतिम संस्कार करने के लिए आते हैं.

हमारी सांस्कृतिक विरासत पर हमला : खरगे

इन्हीं सब विवादों के बीच मल्लिकार्जुन खरगे ने एक कॉरिडोर के नाम पर छोटे, बड़े मंदिर और धार्मिक स्थल गिरा दिए गए और प्राचीन घाटों की बारी है. कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि दुनिया का सबसे प्राचीन शहर काशी आध्यात्मिकता, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का संगम है जो पूरी दुनिया आकर्षित करता है. इसके अलावा खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि क्या इन सबके पीछे फिर से आपके कारोबारी साथियों को फायदा पहुंचाने का इरादा है. पहले सरकार ने पानी, जंगल और पहाड़ सौंप दिए और अब हमारी सांस्कृतिक विरासत की बारी है. दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मूर्तियों को ससम्मान पुनर्थापना नहीं हुई तो प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा. यह पूरी कार्रवाई नगर निगम की देखरेख में चल रही पुनर्विकास करीब 25 करोड़ का प्रोजेक्ट है.

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों पर वोटिंग जारी, BMC के 227 वार्डों में पर टिकी सबकी नजरें

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