Maoists Women Ramp Walk: जो महिलाएं कभी हरी वर्दी पहनकर बस्तर के घने जंगलों में घूमती थीं, आज उनका नया अंदाज देखकर हर कोई हैरान है. सरेंडर कर चुकी नौ माओवादी महिलाओं ने रायपुर में एक फैशन शो में रैंप वॉक किया. रायपुर फैशन शो में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हैंडलूम और कोसा सिल्क के कपड़े दिखाए गए थे और उन्हें बढ़ावा देने के लिए एक फैशन शो का आयोजन किया गया था. इसमें सरेंडर कर चुकी माओवादी महिलाओं को मॉडल बनाया गया और उन्होंने रैंप वॉक की.
“जिंदगी बदल गई है”
नौं में से आठ सुकमा और एक बीजापुर से थीं. सुकमा के चिंतागुफा इलाके के एलमागुंडा गांव की 22 साल की पुनेम ज्योति के लिए, यह पल कुछ ऐसा था जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी. पिछले साल दिसंबर में हैदराबाद में सरेंडर करने वाली ज्योति ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी जिंदगी में ऐसा कुछ होगा.” हिंदी और लोकल गोंडी बोली में बात करते हुए, उसने कहा कि माओवादी मूवमेंट छोड़ने के बाद उसकी जिंदगी काफी बदल गई है. एक और 28 साल की पूर्व नक्सली ने कहा कि उसने जंगलों में अपनी जिंदगी में कभी कोई फैशन शो नहीं देखा था.
नाम न बताने की शर्त पर, अप्रैल में हैदराबाद में सरेंडर करने वाली महिला ने कहा कि माओवादियों के सांस्कृतिक विंग की वजह से उसे ऑडियंस के सामने परफॉर्म करने के बारे में एक-दो बातें पता थीं. उसने कहा, “हमने सांस्कृतिक विंग में महिलाओं को परफॉर्म करते देखा था. इससे हमें रैंप वॉकिंग की कुछ बारीकियां सीखने में मदद मिली.” उसने आगे कहा, “हमें खुशी है कि हिंसा छोड़ने के बाद, हम एक शांतिपूर्ण और इज्जतदार जिंदगी जी रहे हैं.”
जो कदम कभी बस्तर के सुदूर जंगलों में लाल आतंक की राह पर चलने को मजबूर थे, आज वही कदम आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा विरासत का गौरव पूरे देश के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 7, 2026
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में… pic.twitter.com/mzTbhLpEeV
प्रोफेशनल से मिली ट्रेनिंग
नौ महिलाओं में से सात ने पड़ोसी तेलंगाना के हैदराबाद में सरेंडर किया, जबकि एक-एक ने पिछले डेढ़ साल में सुकमा (छत्तीसगढ़) और तेलंगाना के मुलुगु में सरेंडर किया. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि वे सभी अभी सुकमा के पुनर्वास केंद्र में रिहैबिलिटेशन से गुजर रही हैं. उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को मुंबई के प्रोफेशनल एक्सपर्ट्स से रैंप वॉकिंग, ग्रूमिंग, कपड़े पहनने और माइक्रोफोन पर कॉन्फिडेंस से बोलने की सात दिनों की स्पेशल ट्रेनिंग मिली.
सीएम ने बढ़ाया उत्साह
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि इस कार्यक्रम में मौजूद थे. सीएम विष्णुदेव साय ने उनका हौसला बढ़ाया और उन महिलाओं से बातचीत की. अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार अपने पुनर्वास की कोशिशों के तहत सरेंडर करने वाले कैडर को स्किल डेवलपमेंट के मौके दे रही है, जिसका मकसद उन्हें अच्छी रोजी-रोटी दिलाना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.
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