Nitin Gadkari EXCLUSIVE: देश में आजकल E20 Fuel को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. E20 Fuel का मतलब है कि इस ईंधन में 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण है. इसका अर्थ हुआ कि अगर आप पेट्रोल वाली गाड़ियों में E20 Fuel भरवाते हैं, तो उसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होगा.
बीते दिनों देश के कुछ जगहों पर E20 Fuel पर बवाल और विरोध देखा गया. कई लोग ऐसा दावा कर रहे हैं कि E20 Fuel से गाड़ियों के इंजन खराब हो सकते हैं, लेकिन सरकार ने इस दावे को भ्रामक और अफवाह बताया है.
इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लाइव टाइम्स (Live Times) के साथ Exclusive बातचीत की है. उन्होंने ‘Point Blank with Deepak Chaurasia’ खास शो E20 Fuel, इथेनॉल, देश में हाईवे की संख्या और निर्माण, टोल टैक्स व फास्टैग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ग्रीन फ्यूल और भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर पर खास चर्चा की है और इनके भविष्य को लेकर उन्होंने कई बड़े ऐलान और खुलासे किए हैं.
हम यहां नेशनल हाईवे, टोल टैक्स और E20 Fuel के बारे में बात करेंगे. बाकी आप अन्य मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बातों को इस खबर के आखिरी में लगाए गए वीडियो में देख सकते हैं. इस वीडियो में वे खास इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए हैं.
श्रीनगर और जम्मू के बीच 34 टनल- केंद्रीय मंत्री
लाइव टाइम्स के साथ खास बातचीत में नितिन गडकरी ने देश में नेशनल हाईवे कुल कितने किलोमीटर के हैं और आगे कितने बनने वाले हैं, इसपर भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि अभी 1 लाख 150 हजार हैं. और अभी हम काफी बड़े-बड़े हाईवे बना रहे हैं. उन्होंने बताया कि 26 हाईवे ऐसे हैं, जो ग्रीन हाईवे हैं, जो नए से बनाए गए हैं. केंद्रीय मंत्री ने एक उदाहरण देते हुए बताया, “आप मनाली से निकलेंगे और रोहतांग पास जाना है तो साढ़े तीन घंटे लगते थे. अब साढ़े आठ मिनट में हो जाएगा. वहां से बाहर आने के बाद हम 6 टनल बना रहे हैं. उसमें कुछ काम शुरू हो चुके हैं और कुछ होने वाले हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “फिर जोजिला आएंगे लद्दाख के लिए. वहां से जोजिला टनल आएंगे, जो विश्व की सबसे लंबी 14 किमी टनल है.” मंत्री ने कहा कि हम श्रीनगर और जम्मू के बीच 34 टनल बना रहे हैं. 24 लगभग बन चुकी हैं. उन्होंने बताया कि कटरा से दिल्ली-कटरा हाईवे, अमृतसर से दिल्ली हाईवे से आएंगे. दिल्ली से अमृतसर साढ़े चार घंटे में. दिल्ली से कटरा साढे़ 6 घंटे में और दिल्ली से श्रीनगर साढ़े 8 घंटे में होगा.
उसके बाद दिल्ली-मुंबई हाईवे से सूरत तक जाएंगे और सूरत से हम नया हाईवे बना रहे हैं. सूरत से नासिक, नासिक से अहमदनगर, अहमदनगर से सोलापुर , सोलापुर से करनूल और करनूल से चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोचीन, त्रिवेंद्रम, कन्याकुमारी पूरा साउथ जोड़ रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली से चेन्नई की दूरी 320 किमी कम हो रही है. समय बच रहा है.

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दिल्ली-देहरादून और जयपुर की फ्लाइट बंद हो जाएगी- नितिन
नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली से देहरादून जाने के लिए पहले आठ घंटे लगते थे. अब लोग सवा दो घंटे में दो घंटे में जा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री की इस बात पर दीपक चौरसिया ने मुस्कुराते हुए पूछा कि फिर तो आपसे एयरलाइन्स वाले बड़े नाराज होंगे? इसपर नितिन गडकरी ने कहा, “सर, मैं गारंटी देता हूं कि आने वाले एक महीने के अंदर दिल्ली से देहरादून फ्लाइट बंद हो जाएगी. दिल्ली से जयपुर फ्लाइट बंद हो जाएगी.”
केंद्रीय मंत्री ने इसे समझाते हुए कहा, “देखिए, दिल्ली से देहरादून जाने के लिए अगर फ्लाइट से जाना है तो दिल्ली घर से एयरपोर्ट एक घंटा. एयरपोर्ट पर आधा-पौने घंटा रुकने के बाद प्लेन पकड़ना, तो दो घंटे हो गए. वहां से जाने के लिए 40 मिनट फिर वहां से घर जाएंगे तो एक घंटा. हो गए कुल चार घंटे! इसके बदले में पूरा आप घर से निकलो (दिल्ली-देहरादून हाईवे से) और ढाई घंटे के अंदर आप देहरादून पहुंच जाओ. तो डेढ़ घंटा बचत और ऊपर से आपके पैसे की भी बचत, तो कोई क्यों (फ्लाइट से) जाएगा?”
दिल्ली-एनसीआर में 1 लाख 60 हजार करोड़ का काम- गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा कि वे दिल्ली-एनसीआर में एक लाख 60 हजार करोड़ रुपये के काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “दिल्ली में हमने द्वारका एक्सप्रेसवे बनाया, अभी कालिंदी कुंज वाला एक 8 हजार करोड़ का रोड लगभग पूरा हुआ है, उसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री जी से हमने डेट मांगी है.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि आने वाले समय में पूरे देश के कोने-कोने में हमने जो रोड बनाया है, उसका बहुत फायदा होगा और उससे परिस्थितियां बदल जाएंगी.”

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लॉजिस्टिक कॉस्ट 6 फीसदी कम हुई- केंद्रीय मंत्री
नितिन गडकरी ने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण चीज है लॉजिस्टिक कॉस्ट कम होगी. हमारे देश की लॉजिस्टिक कॉस्ट जीडीपी के अनुप्रमाण में हमारी 16 फीसदी थी. चीन की 8 फीसदी थी, अमेरिका और यूरोपियन कंट्री की 12 प्रतिशत थी.” उन्होंने आगे कहा, ” पर अब हमने जो रोड बनाए हैं, इसमें आईआईएम बेंगलुरु, चेन्नई आईआईटी और कानपुर आईआईटी तीनों ने स्टडी किया. उन्होंने बताया कि हमारी लॉजिस्टिक कॉस्ट 6 फीसदी कम हुई है. समय के कारण और फ्यूल के कारण.”
उन्होंने कहा कि 16 से कम होकर लॉजिस्टिक कॉस्ट अब 10 पर आ गई है, ये छह महीने पहले की रिपोर्ट है. अभी तो 6 महीने के बाद और भी रोड बने हैं. तो निश्चित रूप से हम सिंगल डिजिट पर आए हैं. गडकरी ने कहा, “अगर हम इंटरनेशनल मार्केट में 6 से 7 फीसदी कम होते हैं तो हमारा एक्सपोर्ट बढ़ेगा. हमारा माल विदेशों में जाएगा, विश्व में जाएगा. इसलिए हमारा एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है क्योंकि हमारी लॉजिस्टिक कॉस्ट कम हो रही है.”
गडकरी ने आगे कहा, “हम पोर्ट को जोड़ रहे हैं. अमृतसर से सीधे कांडला पोर्ट को जोड़ रहे हैं. तो ऐसी बहुत सी बातें हैं जिसके कारण पूरे तरह से हमारे देश का उद्योग व्यापार बढ़ेगा.”

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टोल खत्म हो जाएंगे, फास्टैग भी नहीं रहेगा- गडकरी
लाइव टाइम्स के साथ खास बातचीत में नितिन गडकरी ने टोल, फास्टैग पर भी बात की और खुलासा किया कि आने वाले दिनों में देश में टोल खत्म हो जाएंगे और फास्टैग भी खत्म हो जाएंगे. उन्होंने कहा, “बाद में अभी ये टोल ही खत्म हो जाएंगे. एक साल के अंदर. गाड़ी आएगी चली जाएगी. रुकना नहीं है, बोलना नहीं है. कुछ नहीं.”
गडकरी ने फास्टैग को लेकर कहा, “फास्टैग भी नहीं रहेगा. आपकी नंबर प्लेट और फास्टैग दोनों का फोटो निकलेगा, जहां से आप एंट्री करोगे और जहां से निकलोगे, उतनी ही दूरी का टोल आपके बैंक अकाउंट से निकल जाएगा. खत्म नो तकलीफ.” फास्टैग की बात करें तो देश में यह एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है. इसे लोगों की गाड़ी की विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है.
उन्होंने बताया, “हमने 3000 रुपये का पास निकाला है. महीने भर में कार वालों को 200 टोल तक तो केवल 15 रुपये टोल आता है. है ही नहीं कुछ. तो कार वालों की भी चिंता की है. अब उनकी कोई नाराजगी नहीं है.”
नितिन गडकरी से पूछा गया कि लोग कहते हैं कि आपने सड़कें तो बनाई, लेकिन इनपर चलना बहुत महंगा हो गया है. इस सवाल पर नितिन गडकरी ने कहा, “वो तो बात पुरानी थी. अब तो 15 रुपये लगता है. समझिए दिल्ली से देहरादून दो या तीन टोल है. पहले 200 (संभवत:) के तीन लगकर कुल 600 रुपये लगते थे, लेकिन अब तो 45 रुपये लगेंगे. क्योंकि वो 3000 रुपये का पास लेने के बाद 15 रुपये का टोल पड़ रहा है. 200 टोल उसमें फोकट है. अब मुझे लगता है कि ये तकरार किसी में नहीं रहेगी.”
22 लाख करोड़ का फॉसिल फ्यूल इंपोर्ट- गडकरी
नितिन गडकरी ने E20 Fuel पर भी अपनी बात कही. उनसे सवाल पूछा गया कि क्या E20 Fuel गाड़ियों को किसी तरह का नुकसान देता है? क्या यह उन गाड़ियों को नुकसान देता है जो नॉर्मल इंजन हैं, पेट्रोल से चलने के लिए बने हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, “पहली बात तो हम देश में 22 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल इंपोर्ट करते हैं- पेट्रोल, डीजल और गैस. 22 लाख करोड़ देश के बाहर जाता है.” उन्होंने आगे कहा, “इससे प्रदूषण होता है. दिल्ली में कितना प्रदूषण… 40 फीसदी प्रदूषण के लिए मेरी मिनिस्ट्री जिम्मेदार है. क्या हमारे देश का यह इंपोर्ट कम होकर यह पैसा देश को, जनता के पास प्रदूषण कम करके किसानों की जेब में नहीं जाना चाहिए? क्या देश आत्मनिर्भर नहीं बनना चाहिए?”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “आत्मनिर्भर भारत बनाना एनर्जी के सेक्टर में यह हमारा उद्देश्य है और इसलिए स्वदेशी, स्वावलंबन और स्वतंत्र यह तो हमारा मंत्र है. उसमें भी हमारा मंत्र यह था कि डायवर्सिफिकेशन ऑफ एग्रीकल्चर टुवर्ड्स एनर्जी एंड पावर सेक्टर.” गडकरी ने कहा कि मैं केवल इथेनॉल की बात नहीं करता बल्कि अल्टरनेटिव फ्यूल और बायोफ्यूल की भी बात करता हूं. इसमें इथेनॉल, मिथेनॉल, बायोसीएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन है.

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इथेनॉल फ्यूल पर क्या बोले नितिन गडकरी?
नितिन गडकरी ने कहा की ये जो इथेनॉल है, वह ऐल्कोहॉल है. उन्होंने कहा, “पहली बात 1970 से ब्राजील में फ्लेक्स इंजन है. ये टोयटो, हुंडई ये ही कंपनियां वहां हैं. फ्लेक्स इंजन का मतलब 100 प्रतिशत इथेनॉल डालो या 100 प्रतिशत पेट्रोल डालो. ये आपका चॉइस है.” गडकरी ने कहा, “अब इथेनॉल का भाव हमारे यहां 75 रुपये लीटर आएगा और पेट्रोल का 120 रुपये लीटर आएगा. इथेनॉल इंपोर्ट सब्स्टट्यूट, कॉस्ट इफेक्टिव, पॉल्यूशन फ्री और इंडीजीनियस. तो पहली बात मैं फ्लेक्स इंजन का ट्रैक्टर भी लाने की कोशिश कर रहा हूं.”
उन्होंने कहा कि ये (इथेनॉल फ्यूल) कोई ऐसे ही आकर नहीं डाल देता. इसकी टेस्टिंग होती है. ब्राजील में E27 है, अमेरिका में इथेनॉल का प्रयोग होता है. थाईलैंड में इथेनॉल का प्रयोग होता है, विश्व के कई देशों में होता है. इसलिए पहले इसकी ट्रायल होती है. मंत्रालय कंपनियों को बुलाकर पहले ट्रायल करता है. ट्रायल होने के बाद सरकार नोटिफिकेशन निकालती है. गडकरी ने कहा, “तो उसके बाद (ट्रायल) यह इथेनॉल का नोटिफिकेशन निकला है.”
गडकरी ने बताया कि इथेनॉल विभिन्न प्रकार के कच्चे माल जैसे गन्ने का रस, गुड़, टूटा हुआ चावल और मक्का से बनाया जाता है, लेकिन इथेनॉल के गुण कच्चे माल से बहुत अलग होते हैं क्योंकि यह फर्मेंटेशन सहित कई प्रक्रियाओं से गुजरता है, जिससे कच्चे माल में मौजूद शर्करा का फर्मेंटेशन होता है. उन्होंने आगे कहा ब्राजील ने पेट्रोल में 27 फीसदी तक इथेनॉल डाला है. हमने 20 फीसदी (E20 Fuel) तक डाला है. अब आप विस्तार से जानकारी के लिए नितिन गडकरी का लाइव टाइम्स के साथ इंटरव्यू को देख सकते हैं, जो इस खबर में नीचे लगाया गया है.
