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दिल्ली-NCR में नई व्यवस्था लागू : नोएडा में बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

by Sanjay Kumar Srivastava 1 October 2026, 7:45 PM IST
1 October 2026, 7:45 PM IST
दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर कड़ा एक्शन: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

No PUC, No Petrol: ठंड की दस्तक के साथ दिल्ली-NCR में हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है. इसी को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए गुरुवार से ‘No PUC, No Petrol’ व्यवस्था लागू कर दी गई है. इसके तहत ऐसे वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा, जिनके वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) उपलब्ध नहीं है. पेट्रोल पंपों पर वाहन में ईंधन भरने से पहले उसके पीयूसी की जांच की जा रही है. नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप कर्मी खाद्य एवं रसद विभाग की ऐप के माध्यम से वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की स्थिति की जांच कर रहे हैं.

PUC वैध होने पर ही मिल रहा पेट्रोल

ऐप पर वाहन का PUC वैध पाए जाने के बाद ही पेट्रोल देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. यदि वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है या उसकी वैधता समाप्त हो चुकी है तो वाहन चालक को ईंधन नहीं दिया जा रहा है. पेट्रोल पंप कर्मियों के मुताबिक, पहले दिन से ही इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. वाहन चालक के पेट्रोल लेने पहुंचने पर कर्मचारी ऐप में वाहन की जानकारी दर्ज कर उसका PUC स्टेटस देख रहे हैं. वैध प्रमाणपत्र होने पर सामान्य तरीके से ईंधन दिया जा रहा है, जबकि PUC नहीं होने की स्थिति में वाहन चालक को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कहा जा रहा है. हालांकि, पहले दिन ऐप में तकनीकी दिक्कत आने की बात भी सामने आई है.

पुराने वाहनों पर भी रखी जा रही नजर

पेट्रोल पंप कर्मियों का कहना है कि कई बार ऐप पर वाहन की जानकारी या पीयूसी की स्थिति तत्काल प्रदर्शित नहीं हो रही है. ऐसी स्थिति में वाहन चालक से उसके वाहन और प्रदूषण प्रमाणपत्र के संबंध में जानकारी ली जा रही है. कर्मचारियों के स्तर पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. ‘No PUC, No Petrol’ व्यवस्था का उद्देश्य केवल प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच तक सीमित नहीं है. इस अभियान के तहत 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर भी विशेष नजर रखने का उद्देश्य है. ऐसे पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ईंधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है.

प्रमाणपत्र साथ रखने की सलाह

गौतमबुद्ध नगर में सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता खराब होने की आशंका को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए जाते हैं. वाहनों से निकलने वाला धुआं भी प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल है. ऐसे में वाहनों के पीयूसी की जांच को अनिवार्य किए जाने से सड़क पर चलने वाले वाहनों के प्रदूषण स्तर की निगरानी और नियमों के अनुपालन पर जोर दिया जा रहा है. पेट्रोल पंपों पर व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को भी अपने वाहन का वैध पीयूसी प्रमाणपत्र साथ रखने की सलाह दी जा रही है.

प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने की स्थिति में वाहन चालक को समय रहते नया पीयूसी बनवाना होगा, ताकि पेट्रोल भरवाते समय किसी तरह की परेशानी न हो. पहले दिन पेट्रोल पंपों पर कर्मचारी ऐप के माध्यम से जांच करते नजर आए. विभाग की ऐप आधारित व्यवस्था के लागू होने के बाद आने वाले दिनों में इसकी निगरानी और प्रभावी तरीके से किए जाने की उम्मीद है. अधिकारियों का फोकस प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर है.

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