UP Crime: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक अजीब मामला सामने आया है. युवक ने मोबाइल खरीदा. कुछ महीनों तक मोबाइल का किस्त जमा करने के बाद जब युवक बाकी किस्त नहीं दे पाया तो आरोपियों ने जबरदस्ती उसका खून निकालकर बाजार में बेच दिया और अपनी किस्तों की भरपाई कर ली. घटना सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपियों ने मोबाइल फ़ोन की किस्त न चुकाने पर एक युवक को अगवा कर चार दिनों तक बंधक बनाए रखा. इसके बाद युवक को ज़बरदस्ती ब्लड सेंटर ले जाकर उसकी मर्ज़ी के बिना एक यूनिट खून निकालकर बेच दिया.
पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार
पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान अनिकेत सिंह उर्फ काका (26) और सुशांत शर्मा (31) के तौर पर की है. पीड़ित की मां की ओर से 14 सितंबर को दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनके बेटे नवल कुमार ने किस्तों पर एक मोबाइल फ़ोन खरीदा था. 8 सितंबर को किस्त न चुका पाने पर आरोपी उसे मोबाइल की दुकान पर ले जाने के बहाने अपने साथ ले गए. महिला का आरोप है कि उसके बेटे को लगभग चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, उससे मज़दूरी करवाई गई और उसके साथ मारपीट की गई. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका खून निकालकर बेच दिया गया.
एक आरोपी फरार
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने किस्त के तौर पर उससे ऑनलाइन 2,799 रुपये भी लिए थे. निगोहां पुलिस स्टेशन ने BNS की धाराओं 143(3) (मानव तस्करी), 146 (गैर-कानूनी जबरन मज़दूरी), 127(3) (गलत तरीके से बंधक बनाना) और 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया और आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाईं. पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी और मैनुअल सबूतों और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर गुरुवार को आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया. बाद में उन्हें अदालत में पेश किया. एक अन्य आरोपी को गिरफ़्तार करने की कोशिशें जारी हैं.
पीड़ित को चार दिन तक बंधक बनाकर रखा
पूछताछ के दौरान आरोपी सुशांत ने पुलिस को बताया कि वह लखनऊ में TVS क्रेडिट सर्विसेज़ लिमिटेड में मैनेजर के तौर पर काम करता था और फाइनेंस किए गए प्रोडक्ट्स की किस्तें वसूलता था. उसने बताया कि कंपनी का फील्ड एजेंट शुभम सिंह और अनिकेत भी किस्त वसूली का काम करते थे. पुलिस ने बताया कि सुशांत ने माना कि उसने नवल को उसके गांव के बाहर से इसलिए उठाया था क्योंकि वे किस्त न चुकाने के लिए उसे सबक सिखाना चाहते थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित को चार दिन तक शुभम के घर पर रखा. उससे प्लास्टर तोड़ने का काम करवाया और उससे किस्त के पैसे भी वसूल किए.
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News Source: PTI
