Nepal Flash Flood: नेपाल इस समय बाढ़ की मार से त्रस्त है. वहां की तस्वीरों ने लोगों का दिल दहला दिया है. तबाही के बाद राहत बचाव का काम जारी है, लेकिन मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अब तक 579 लोगों के शव मिले हैं. वहीं 2500 लोग लापता हैं, जिनकी कोई खबर नहीं है. इसमें 320 भारतीय भी शामिल हैं, जो मानसरोवर यात्रा या अन्य जगहों पर घूमने गए थे. संकट के समय में भारत नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. भारत ने आपातकाल राहत सामग्री भी भेजी है.
भारत आए 21 लोग
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भयानक बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय नेपाल में लापता हैं और 400 तिब्बत में फंसे हुए हैं. चीनी सीमा के अंदर फंसे 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच गए हैं. MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से काठमांडू पहुंचने के एक दिन बाद, शुक्रवार दोपहर 21 भारतीय नई दिल्ली पहुंचे. तमिलनाडु से आए भारतीय नागरिकों को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रीय राजधानी के एयरपोर्ट पर रिसीव किया.
तिब्बत में फंसे 400 भारतीय
जायसवाल ने कहा, “जहां तक उन लोगों (भारतीयों) की बात है जिनसे हम संपर्क नहीं कर पा रहे हैं या जो लापता हैं, तो इस समय यह आंकड़ा 320 है.” उन्होंने कहा कि त्रिशूली-वन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों को भी बचाया गया है. भारतीय मूल के करीब 100 लोग ऐसे भी हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है. ये भारतीय मूल के लोग हैं जो शायद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, लेकिन उनकी नागरिकता दूसरी है. जायसवाल ने कहा कि तिब्बत में 400 भारतीय फंसे हुए हैं लेकिन वे सुरक्षित हैं. वे अपने परिवार के संपर्क में हैं. हमारी एम्बेसी उनमें से कई लोगों के संपर्क में है. उनके कई परिवार वालों ने बीजिंग में हमारी एम्बेसी के हेल्पलाइन नंबरों के जरिए भी हमसे संपर्क किया है. MEA ने तिब्बत से नेपाल पहुंचे 53 भारतीयों की फोटो भी जारी की. इस ग्रुप में महाराष्ट्र के 37 लोग शामिल हैं और वे काठमांडू पहुंच गए हैं.
57.5 टन राहत सामग्री भेजी गई
जयशंकर ने सीनियर अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की और नेपाल में हालात का रिव्यू किया, जिसमें लापता भारतीयों का पता लगाने पर फोकस किया गया. काठमांडू और बीजिंग में भारतीय दूत भी वर्चुअली मीटिंग में शामिल हुए. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “आज नेपाल में चल रहे राहत और बचाव के कामों पर चर्चा की. काठमांडू और बीजिंग में हमारी एम्बेसी ने भारतीय नागरिकों के हालात और उनकी भलाई के बारे में अपडेटेड जानकारी दी.” उन्होंने कहा, “MEA के संबंधित डिवीजन ने हमें नेपाल भेजी जाने वाली और राहत सप्लाई के बारे में बताया. हम इस मामले को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देते हैं.”
बुधवार रात से, भारत ने तीन मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में नेपाल को कुल 57.5 टन इमरजेंसी सप्लाई भेजी है. 10 टन राहत सामग्री की नई खेप शुक्रवार शाम को भेजी गई. भारत ने टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की 11 लोगों की टीम के साथ-साथ एक टोही दल भी भेजा 21 भारतीयों के लौटने के बाद, जयशंकर ने कहा कि वे उन्हें बचाने के लिए नेपाली सेना के बहुत शुक्रगुजार हैं.
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News Source: PTI
