Home Top News देशभक्ति के रंग में रंगा रक्षा बंधन: सीमा पर तैनात सैनिकों की सजी कलाई, बहनों ने बांधी राखी

देशभक्ति के रंग में रंगा रक्षा बंधन: सीमा पर तैनात सैनिकों की सजी कलाई, बहनों ने बांधी राखी

by Sanjay Kumar Srivastava 28 August 2026, 6:35 PM IST (Updated 28 August 2026, 6:41 PM IST)
28 August 2026, 6:35 PM IST (Updated 28 August 2026, 6:41 PM IST)
नाथू ला में देशभक्ति का रंग: 14,140 फीट की ऊंचाई पर सजी सैनिकों की कलाई, बहनों ने बांधी राखी

Raksha Bandhan: सिक्किम के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारत की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात देश के वीरों ने इस बार अनोखे अंदाज में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. भारत-चीन सीमा पर 14,140 फीट की ऊंचाई पर स्थित नाथू ला दर्रा, लगभग 13,900 फीट की ऊंचाई पर ITBP के शेराथांग कैंप और रानीपूल स्थित SSB मुख्यालय में तैनात सेना, ITBP और SSB के जवानों को देश भर से आईं महिलाओं ने राखी बांधी. इस विशेष पहल में देश के छह राज्यों की 26 युवतियों के साथ-साथ सिक्किम यूनिवर्सिटी और हरकामाय कॉलेज ऑफ एजुकेशन के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

जवानों को बताया देश का सच्चा रक्षक

महिलाओं ने दुर्गम परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे सैनिकों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, आरती उतारी और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की. जवानों को देश का सच्चा रक्षक और भाई बताते हुए महिलाओं ने उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए आभार व्यक्त किया. इस भावुक और गौरवपूर्ण आयोजन से पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गई. इस मौके पर डॉ. हेमंत कुमार यादव ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्यार, विश्वास, जिम्मेदारी, सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी है. यादव ने कहा कि आज 14,140 फीट की ऊंचाई से हम भारत के 1.4 अरब से अधिक नागरिकों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दे रहे हैं.

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि मुश्किल इलाकों और कठिन परिस्थितियों में तैनात जवानों से मिलकर उन्हें गर्व का अनुभव हुआ. सिक्किम की यशोदा शर्मा ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर देश की रक्षा करते हुए सैनिकों को देखना प्रेरणादायक और विनम्रता का अहसास कराने वाला था, वहीं असम की प्रियंका कौर ने कहा कि भारत-चीन सीमा के इतने करीब सेना के जवानों के साथ खड़े होने पर उन्हें लगा कि पूरा देश यहां एक साथ मौजूद है.

एकता और अखंडता सामूहिक जिम्मेदारी

ओडिशा की स्मृति रेखा खुंटिया ने भारत की विविधता का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा करना सामूहिक ज़िम्मेदारी है. एक और प्रतिभागी ने इस मौके को ऐसे अवसर के तौर पर बताया जब लोग सिर्फ़ रक्षा बंधन मनाने के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों का सम्मान करने के लिए खड़े हैं जो उस देश की रक्षा करते हैं जिसे हम अपना घर कहते हैं. पश्चिम बंगाल की मधुमिता बर्मन ने कहा कि देश अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से कहीं आगे है. उन्होंने कहा कि हम अपने सैनिकों और उन सभी जागरूक नागरिकों को सलाम करते हैं जो देश को एकजुट करने के लिए काम कर रहे हैं.

‘रक्षाबंधन पर रोईं बेटियां…’ बोलीं- ‘भैया की कलाई सूनी है; लेकिन नौकरी की लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ेंगे

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?