Home Top News 32 साल बाद खत्म हुआ यमुना विवाद! राजस्थान को मिलेगा 1917 क्यूसेक पानी; जानें क्या है मामला

32 साल बाद खत्म हुआ यमुना विवाद! राजस्थान को मिलेगा 1917 क्यूसेक पानी; जानें क्या है मामला

by Live Times 29 June 2026, 6:18 PM IST (Updated 29 June 2026, 6:20 PM IST)
29 June 2026, 6:18 PM IST (Updated 29 June 2026, 6:20 PM IST)
Rajasthan Yamuna Project

Yamuna Dispute: राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराना यमुना जल विवाद आखिरकार सुलझ गया है. नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजदूगी में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों भजन लाल शर्मा और नायाब सिंह सैनी ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया. इस समझौते के मुताबिक, हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के सूखा-प्रभावित इलाकों शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, चूरू और झुंझुनू तक यमुना का पानी पहुंचाया जाएगा.

भूमिगत पाइपलाइन पहुंचेगा पानी

इस समझौते के अनुसार, अपर यमुना रिवर राजस्थान को मॉनसून के दौरान 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा. पानी को खुले नहरों की बजाय हरियाणा से होते हुए भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से लाया जाएगा, जिससे पानी का रिसाव और वाष्पीकरण रुकेगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये है. यह समझौता केवल कागजी नहीं, बल्कि राजस्थान के चूरू, राजगढ़ और शेखावाटी के इलाकों के लिए भाग्य बदलने वाली लाइफलाइन साबित होगा. इससे पहले दिल्ली के बीकानेर हाउस में रविवार को दोनों राज्यों के आला अधिकारियों के बीच दो घंटे की मैराथन बैठक में इस पर सहमति बन गई थी.

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तीन विशाल पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी

गौरतलब है कि हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान के राजगढ़ (चूरू) के जलाशय के बीच जमीन के स्तर में लगभग 110 मीटर का अंतर है. राजगढ़ 110 मीटर नीचे है, जिसका मतलब है कि पानी प्राकृतिक रूप से ‘ग्रेविटी’ के प्रवाह से खुद-ब-खुद राजगढ़ तक पहुंचेगा. हालांकि, इसे पूरी तरह ‘हाईब्रिड मोड’ पर तैयार किया जा रहा है. पाइपलाइन के रास्ते में आधुनिक पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी सीजन में अगर यमुना में पानी का स्तर कम हो, तो पंप के सहारे पानी को खींचकर राजस्थान लाया जा सके. इसके लिए हरियाणा के 5 जिलों यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और हिसार से होकर 3.6 डायमीटर की तीन विशाल पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी.

MoU पर हस्ताक्षर हुआ

32 साल बाद आखिरकार हरियाणा और राजस्थान के बीच 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करने को लेकर MoU पर हस्ताक्षर हुआ. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा और राजस्थान सरकारों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे.

1994 में ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (UYRB) के तहत यमुना जल बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन पिछले 32 वर्षों से यह लागू नहीं हो पाया था. समझौते के तहत अब राजस्थान को मानसून के दौरान हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से उसका निर्धारित जल हिस्सा उपलब्ध कराया जाएगा.

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