Home Top News गैंगस्टर अबू सलेम की रिहाई की याचिका खारिज, मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी को SC से राहत नहीं

गैंगस्टर अबू सलेम की रिहाई की याचिका खारिज, मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी को SC से राहत नहीं

by Neha Singh 10 September 2026, 12:40 PM IST (Updated 10 September 2026, 12:55 PM IST)
10 September 2026, 12:40 PM IST (Updated 10 September 2026, 12:55 PM IST)
Abu Salem

Abu Salem: सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम की रिहाई वाली याचिका खारिज कर दी है. अबु सलेम ने याचिका में उसे मिली उम्रकैद की सजा में समय से पहले रिहाई की मांग की गई थी. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच को बॉम्बे हाई कोर्ट के अर्जी खारिज करने के फैसले में कोई कमी नहीं लगी. सलेम ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज गैंगस्टर की याचिका खारिज कर दी.

बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश बरकरार

सलेम ने इस आधार पर रिहाई की मांग की थी कि पुर्तगाल से प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत भारत में जेल में उसने 25 साल पूरे कर लिए हैं. जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें सलेम की तुरंत रिहाई की मांग वाली अर्जी को “समय से पहले” और “गलत” बताकर खारिज कर दिया गया था. बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा था कि उसकी 25 साल की सजा 2030 में ही पूरी होगी. 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी सलेम को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 11 नवंबर, 2005 को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था.

सजा पूरी होने का दावा गलत

भारत और पुर्तगाल के बीच तय प्रत्यर्पण की शर्तों के मुताबिक, सलेम को मौत की सजा नहीं दी जा सकती और उसकी जेल की सजा 25 साल से ज्यादा नहीं हो सकती. कोर्ट में बहस के दौरान सलेम के वकील ने अंडरट्रायल, सजा के बाद और अर्न्ड रिमिशन के तौर पर बिताए समय का जिक्र किया और कहा कि वह पहले ही जेल में 25 साल से ज्यादा की सजा काट चुका है. अपने ऑर्डर में, हाई कोर्ट ने कहा “याचिकाकर्ता अर्न्ड रिमिशन को शामिल करके 25 साल की सजा में अपने आप कमी का दावा नहीं कर सकता. अर्न्ड रिमिशन जेल के नियमों के तहत आते हैं और इसलिए इसका कोई मतलब नहीं है.” कोर्ट ने कहा कि सलेम को पहली बार 11 नवंबर, 2005 को गिरफ्तार किया गया था और उस तारीख से 25 साल की सजा नवंबर 2030 में खत्म होगी.

प्रत्यर्पण की शर्त

सलेम को 1993 के मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट केस में दोषी ठहराया गया था और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. सलेम को एक अन्य केस में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. सलेम की अलग अर्जी पर जुलाई 2022 में अपने फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि केंद्र पुर्तगाल को दिए अपने वादे का सम्मान करने और सलेम को उसकी 25 साल की सजा पूरी होने पर रिहा करने के लिए “बाध्य” है.

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News Source: PTI

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