Home Top News देश के रेल नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार! कैबिनेट ने 7 बड़े रेल रूट को फोरलेन बनाने पर लगाई मुहर

देश के रेल नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार! कैबिनेट ने 7 बड़े रेल रूट को फोरलेन बनाने पर लगाई मुहर

by Sachin Kumar 9 September 2026, 5:49 PM IST (Updated 9 September 2026, 5:53 PM IST)
9 September 2026, 5:49 PM IST (Updated 9 September 2026, 5:53 PM IST)
Rail travel Delhi-Mumbai Delhi-Chennai superfast

7 Rail Projects: भारतीय रेलवे में यात्री सुविधाओं और ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव और ट्रेनों की संख्या को देखते हुए 7 हाई डेंसिटी नेटवर्क (HDN) को फोर-लेन के जरिए मजबूत किया जाएगा. केंद्रीय कैबिनेट ने भी इन सात महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. रेलवे इन परियोजनाओं के जरिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना चाहता है, जिससे अधिक संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा. साथ ही इन परियोजना से यात्रियों का सफर भी सुगम होगा.

रेलवे पर दबाव कम करने का मकसद

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेलवे को आधुनिकीकरण की दिशा में ले जाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. इसके तहत हाई-डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर को फोर-लेन और क्वाड्रुपल करने की मंजूरी मिली है. इन कॉरिडोर पर अब ट्रैक क्षमता को बढ़ाने का काम किया जाएगा. साथ ही रेलवे का मकसद है कि आने वाले वक्त में रेलवे पर दबाव को कम किया जा सके.

भारतीय रेलवे की बड़ी कामयाबी: अब 110 की स्पीड से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, ट्रायल सफल

ये हैं वे प्रोजेक्ट, जिन्हें मिली केंद्र से मंजूरी

  • दिल्ली-हावड़ा रेल रूट
  • हावड़ा-मुंबई रेल रूट
  • दिल्ली-मुंबई रेल रूट
  • दिल्ली-गुवाहाटी रेल रूट
  • दिल्ली-चेन्नई रेल रूट
  • हावड़ा-चेन्नई रेल रूट
  • मुंबई-चेन्नई रेल रूट

2029-30 तक पूरी होगी परियोजना

इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 540 किलोमीटर अतिरिक्त रेलवे ट्रैक बिछाए जाएंगे. साथ ही परियोजना को पूरा करने के लिए 2029-30 तक का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे चारों राज्यों के 17 जिलों को कवर किया जाएगा.

2121 गांवों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

रेलवे के मुताबिक, इन परियोजनाओं से करीब 2121 की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और इस गांव में रहने वाले 52 लाख लोगों को भी सीधा फायदा होगा. इसके अलावा रेलवे कनेक्टिविटी मजबूत होने से दक्षिण भारत के पर्यटन को भी बूस्ट मिलेगा. इनमें मुख्य रूप से तिरुपति, तिरुचनूर का श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर, तिरुत्तानी का सुब्रमणिया स्वामी मंदिर, होगेनक्कल फॉल्स, मेट्टूर डैम, कोडाइकनाल हिल्स, कोलार गोल्ड फील्ड्स और यादाद्रिगुट्टा मंदिर शामिल हैं. साथ ही इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में 10,021 करोड़ रुपये तक की लागत आएगी और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट के काम से पौड़ी के लोग दहशत में आए, घरों में आई दरारें

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?