DNA Identification: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ के बाद लापता हुए गुजरात के लोगों की पहचान के लिए गुजरात सरकार ने DNA सैंपलिंग और प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया तेज कर दी है. ताजा जानकारी के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ के बाद गुजरात के कुल 30 लोग लापता या संपर्कविहीन हैं. इनमें से 29 लापता लोगों के परिवारजनों के DNA सैंपल एकत्र कर लिए गए हैं, जबकि एक मामले में प्रक्रिया जारी है. DNA सैंपलों की प्रोफाइलिंग का उद्देश्य नेपाल में बाढ़ के बाद बरामद हुए शवों और मानव अवशेषों की पहचान करना है.
NRGF संभाल रहा काम
DNA प्रोफाइल का मिलान लापता लोगों के परिवारजनों के प्रोफाइल से किया जाएगा, जिससे मृतकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि करने में मदद मिलेगी. गुजरात सरकार नेपाल बाढ़ में लापता गुजरात के नागरिकों और विदेशों में बसे गैर-निवासी गुजरातियों (NRG) के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है. सामान्य प्रशासन विभाग के NRI डिवीजन के तहत कार्यरत गुजरात स्टेट नॉन-रेसिडेंट गुजरातीज फाउंडेशन DNA सैंपल एकत्र करने और परिवारों के साथ समन्वय की पूरी प्रक्रिया संभाल रहा है. NRGF प्रत्येक लापता व्यक्ति के परिवार से व्यक्तिगत संपर्क कर DNA सैंपलिंग, निर्धारित फोरेंसिक लैबोरेटरी और पहचान प्रक्रिया को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है.
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लापता लोगों के निकटतम यानी प्रथम-स्तर के परिजनों के DNA सैंपल लिए जा रहे हैं. DNA प्रोफाइलिंग के लिए देशभर में चिन्हित फोरेंसिक लैबोरेटरी को यह सेवा निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. गुजरात में इसके लिए छह निर्धारित फोरेंसिक लैबोरेटरी में DNA प्रोफाइलिंग की जा रही है. इनमें गांधीनगर, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, जूनागढ़ और राजकोट की प्रयोगशालाएं शामिल हैं.
विदेश में रहने वालों के भी DNA सैंपल लिए गए
DNA प्रोफाइलिंग की रिपोर्ट संबंधित प्रयोगशालाओं द्वारा नेपाल सरकार की ओर से निर्धारित आधिकारिक ईमेल और संपर्क माध्यमों के जरिए सीधे नेपाल सरकार को भेजी जा रही है. नेपाल में लापता गुजरातियों में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके परिवारजन विदेशों में रहते हैं. न्यूजीलैंड, अमेरिका, कनाडा और अफ्रीकी देशों में रहने वाले परिवारजनों के मामलों में भी DNA सैंपलिंग और पहचान प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई की गई है. कई मामलों में विदेश में रहने वाले परिजनों के DNA सैंपल वहां के स्थानीय प्रशासन अथवा संबंधित अधिकारियों द्वारा पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं. NRGF इन परिवारों और संबंधित विदेशी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है तथा DNA प्रोफाइलिंग और पहचान प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी का समन्वय कर रहा है.
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे सभी
अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल बाढ़ के बाद गुजरात के अहमदाबाद, आणंद, बनासकांठा, खेड़ा, गांधीनगर, सूरत, वलसाड, राजकोट समेत अन्य जिलों के लोगों के लापता या संपर्कविहीन होने की जानकारी सामने आई है. इनमें से कुछ लोग अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों और विभिन्न मार्गों के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे. लापता लोगों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर, जिला प्रशासन और NRGF संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं. SEOC और NRGF द्वारा तैयार की गई लापता और संपर्कविहीन लोगों की सूची भी नेपाल सरकार को उपलब्ध कराई गई है.
छोटी उम्र, बड़ा दिल: 6 साल के बच्चे ने नेपाल पीड़ितों के लिए दान की अपनी बचत, DM को सौंपा गुल्लक
