Sonam Wangchuk Letter: इंजीनियर और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर इस समय पूरे देश की नजर है. आज 20, जुलाई को सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के साथ जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन तक मार्च करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा धरनास्थल से हटा दिया गया. अपनी भूख हड़ताल के 21 दिन शनिवार तड़के उन्हें जबरन धरनस्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. अब सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जनता के लिए लेटर लिखा है. उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है, लेकिन इसके लिए उन्होंने सरकार के सामने कुछ शर्ते रखी हैं.
तीन शर्तों को पूरा करने की मांग
सोमवार (20 जुलाई) को उनके सोशल मीडिया हैंडल पर एक लेटर शेयर किया गया, जिसमें तीन शर्तें बताई गई थीं. वांगचुक का कहना है कि अगर इनमें से कोई भी शर्त पूरी होती है तो वह अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे. सोनम वांगचुक ने एक लेटर में लिखा, “प्यारे दोस्तों और साथ काम करने वालों, आप में से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपनी भूख हड़ताल कब खत्म करूंगा. जैसा कि पहले सपोर्टर्स को बताया गया था, मैं 20 जुलाई को अपनी भूख हड़ताल खत्म करूंगा, अगर ये तीन शर्ते पूरी होती हैं. “
- पहली- अगर सरकार एजुकेशन सिस्टम में हाल की नाकामियों- जैसे पेपर लीक की ज़िम्मेदारी लेती है. या…
- दूसरी- अगर मैं और CJP लीडरशिप पार्लियामेंट की दहलीज पर पहुंचते हैं, जहां कई पार्टियों के माननीय MP और नेता हमें भरोसा दिलाते हैं कि वे अब इस मुद्दे को संसद भवन में उठाएंगे. या…
- तीसरी- अगर मेरी सेहत या दूसरे हालात मुझे संसद जाने की इजाजत नहीं देते हैं, तो अलग-अलग पार्टियों के माननीय MP और नेता इस हॉस्पिटल में आएं और ये सारे भरोसे दें.
वांगचुक ने लेटर के आखिर में लिखा, “सफदरजंग हॉस्पिटल में गैर-कानूनी हिरासत से, जहां मेरे आने-जाने, बोलने और बातचीत करने की आजादी पर रोक है.”
WHEN WILL I END THE FAST….!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T
सीजेपी का संसद ‘चलो मार्च’
आज 20 जुलाई का दिन राजधानी दिल्ली के लिए बहुत ही खास होने वाला है. कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थक आज जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च करेंगे. इसकी प्लानिंग काफी दिनों पहले से चल रही थी. जंतर-मंतर पर जनता का आना जारी है. ऐसे में संसद के मॉनसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी कमर कस ली है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीजेपी और उनके समर्थकों को मार्च या प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी है. दिल्ली पुलिस ने एक्स पर एडवायजरी जारी कर जानकारी दी है कि नई दिल्ली में 163 लागू कर दी गई है और सीजेपी को मार्च या जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी गई है. इसके मुताबिक, जंतर-मंतर पर तय स्थान के अलावा कहीं भी प्रदर्शन, मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के सफदरजंग हॉस्पिटल में चल रहे इलाज में दखल देने से मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि सरकार का अनशन कर रहे एक्टिविस्ट को जंतर-मंतर से हटाकर सरकारी हॉस्पिटल में ले जाना मनमाना नहीं कहा जा सकता. जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि इस स्टेज पर एक्टिविस्ट को अस्पताल से तुरंत ट्रांसफर करने के लिए किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है. यह ऑर्डर वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की उस याचिका पर आई, जिसमें वांगचुक को एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत मांगी गई थी. रविवार को हुई एक खास सुनवाई में, जस्टिस पुष्करणा ने कहा कि सफदरजंग के डॉक्टर एक्टिविस्ट पर करीब से नजर रख रहे थे और यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ करते हुए उनके खिलाफ कोई जबरदस्ती की जा रही थी.
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News Source: PTI
