Cyclone Arnab: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ के आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के पास से गुजरने का अनुमान है. यह एक ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ के रूप में पहुंचेगा, जिसमें हवा की गति 125–135 किमी प्रति घंटा और झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है. IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि यह चक्रवात गोपालपुर से लगभग 380 किमी दक्षिण में स्थित है. यह 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और उसके बाद उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़ जाएगा.
भयंकर बारिश की संभावना
ओडिशा में बारिश के पूर्वानुमान पर मोहंती ने बताया कि मंगलवार को व्यापक बारिश के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है और उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने को कहा. उन्होंने कहा, “जहां तक बारिश की बात है, आज ओडिशा में व्यापक बारिश होगी, जिसमें कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कल भी व्यापक बारिश होगी, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. साथ ही, तेज आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका है. लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.”
गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला ‘अर्नब’
इस बीच, IMD के चक्रवात चेतावनी केंद्र के निदेशक पी.एल.एन. मूर्ति ने बताया कि पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान सोमवार को 23 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और मंगलवार तड़के 2:30 बजे यह एक ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ में तब्दील हो गया. मूर्ति ने बताया, “पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गंभीर चक्रवाती तूफान कल 23 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज IST (भारतीय मानक समय) के अनुसार 2:30 बजे एक ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ में बदल गया. इसके पश्चिम-उत्तर और फिर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. उन्होंने कहा कि तट से टकराते समय हवा की गति 125–135 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है और हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटे तक हो सकते हैं.
मछुआरों को सलाह
मूर्ति ने मछुआरों को सलाह दी कि वे 30 अक्टूबर की सुबह तक समुद्र में न जाएं. उन्होंने कहा, “हमने मछुआरों के लिए पहले ही चेतावनी जारी कर दी है कि वे 30 तारीख की सुबह तक मछली पकड़ने के लिए समुद्र में न जाएं.” उन्होंने कहा, “मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 30 तारीख की सुबह तक समुद्र में न जाएं.” उन्होंने तट पर स्थित बंदरगाहों के लिए जारी की गई चेतावनियों के बारे में भी विस्तार से बताया. काकीनाडा को सिग्नल GD-10 के तहत रखा गया है; विशाखापत्तनम और गंगवरम को GD-9 के तहत; मछलीपट्टनम और निजामपट्टनम को GD-8 के तहत; और कलिंगपट्टनम, कृष्णपट्टनम तथा वदरेवु को LC-3 के तहत रखा गया है.
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News Source: ANI
