UP MLC Election: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से मतगणना जारी है. शुरुआती रुझानों के मुताबिक, लखनऊ, बरेली और मेरठ में बीजेपी के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. वहीं, मेरठ-सहारनपुर खंड स्नातक सीट पर सपा प्रत्याशी प्रवेंद्र सिंह भाटी ने कथित तौर पर हार स्वीकार कर ली और मतगणना स्थल से चले गए. दूसरी ओर, गोरखपुर सीट पर सपा के संजय त्रिपाठी आगे चल रहे हैं, जबकि वाराणसी और आगरा में भी सपा प्रत्याशियों के आगे होने की खबर है. इसी बीच समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मतगणना में हो रही देरी का तत्काल संज्ञान लेने और चुनाव परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया.
लोकतंत्र का मजाक न बनाया जाए
अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को यूपी MLC चुनाव की मतगणना में हो रही कथित देरी का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए. सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मतगणना की प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है और चुनाव आयोग हर राउंड के नतीजों की आधिकारिक घोषणा नहीं कर रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि न तो राजनीतिक दलों को और न ही मीडिया को मतगणना प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी दी जा रही है. यादव ने आगे कहा कि लोकतंत्र का मजाक न बनाएं और चुनाव आयोग से परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की.
जीत का प्रमाण पत्र मिलने तक डटे रहे
सपा प्रमुख ने यूपी एमएलसी मतगणना में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया, पारदर्शी नतीजों की मांग की. इसी बीच उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मतगणना प्रक्रिया पर कड़ी नजर रख रहे हैं और जीत का प्रमाण पत्र जारी होने तक सतर्क रहेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जिला मजिस्ट्रेट या कमिश्नर किसी तरह की गड़बड़ी करने की कोशिश करते हैं, तो पार्टी विरोध प्रदर्शन करेगी और उनके खिलाफ मामला दर्ज कराएगी. वहीं, संपर्क करने पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि वे इन आरोपों की जांच कर रहे हैं.
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
बता दें कि उत्तर प्रदेश की 11 MLC सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था. इनमें पांच स्नातक (ग्रेजुएट्स) और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. मतगणना आज सुबह 8:00 बजे शुरू हुई और अभी भी जारी है. मौजूदा MLC में भाजपा के छह, सपा के तीन और दो निर्दलीय सदस्य शामिल हैं. स्नातक निर्वाचन क्षेत्र वह होता है जिसमें केवल किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय के स्नातक या समकक्ष योग्यता रखने वाले व्यक्ति ही मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं. इसी तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में केवल वे लोग मतदान कर सकते हैं जो पिछले छह वर्षों में से कम से कम तीन वर्षों तक किसी माध्यमिक या उससे उच्च स्तर के स्कूल में पूर्णकालिक शिक्षक रहे हों.
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