Home Top News 5 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए ED अधिकारी और हेड कांस्टेबल, CBI ने किया गिरफ्तार

5 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए ED अधिकारी और हेड कांस्टेबल, CBI ने किया गिरफ्तार

by Neha Singh 24 October 2026, 8:30 AM IST (Updated 24 October 2026, 8:32 AM IST)
24 October 2026, 8:30 AM IST (Updated 24 October 2026, 8:32 AM IST)
ED Ofiicer Arrested

ED Officer Arrested: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने लखनऊ में रिश्वतखोरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक प्रवर्तन अधिकारी (Enforcement Officer) और एक हेड कांस्टेबल शामिल हैं. आरोपियों की पहचान प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी के रूप में हुई है. ये दोनों ED के लखनऊ जोन कार्यालय में तैनात थे. CBI के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 को एक शिकायत दर्ज की गई थी.

रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारी

शिकायतकर्ता के पिता को ED के एक मामले में अगस्त और सितंबर 2026 में दो समन मिले थे, जिसके संबंध में हेड कांस्टेबल ने उनसे रिश्वत की मांग की थी. CBI ने जाल बिछाया और मनोज द्विवेदी को उस समय रंगे हाथों पकड़ लिया, जब वह प्रवर्तन अधिकारी की ओर से शिकायतकर्ता के पिता को मामले में फायदा पहुंचाने के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत ले रहा था. हेड कांस्टेबल ED में प्रतिनियुक्ति पर था और माना जा रहा है कि उसने इस रिश्वतखोरी के मामले में मुख्य भूमिका निभाई थी. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

कोझिकोड से ठग गिरफ्तार

इससे पहले, शनिवार को CBI ने कोझिकोड के थामारासेरी से मोहम्मद फसल के को गिरफ्तार किया था. वह अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी और ATM कार्ड तस्करी गिरोह का एक मुख्य आरोपी है. यह मामला जुलाई 2024 में सामने आया, जो 1.04 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा है. इसमें त्रिशूर के एक शिकायतकर्ता को ठगों ने FedEx अधिकारी और साइबर क्राइम पुलिस बनकर धोखा दिया था. पीड़ित को अपना बैंक खाता वेरिफाई करने के बहाने 1,04,40,111 रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया था.

युवाओं से खरीदे जाते थे एटीएम कार्ड

CBI की जांच में एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता चला है, जो युवाओं और छात्रों से 3,000 से 7,000 रुपये में डेबिट और ATM कार्ड खरीदता था और उन्हें दुबई भेज देता था. इन कार्डों का इस्तेमाल विदेशी सहयोगियों द्वारा साइबर धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम निकालने के लिए किया जाता था. जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने कथित तौर पर विदेश से पैसे निकाले और उसे पूरे भारत में रियल एस्टेट में निवेश किया, साथ ही केरल में सोने की तस्करी भी की. इससे पहले, ‘लुक आउट सर्कुलर’ जारी होने के बाद, 13 मई 2026 को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उसे उस समय रोका गया था, जब वह शारजाह भागने की कोशिश कर रहा था.

कमीशन का खेलः 9 लाख का बिल पास करने के बदले मांगी थी रिश्वतः सरकारी इंजीनियर को 4 साल की सख्त सजा

News Source: ANI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?