Jharkhand Politics: झारखंड की राजनीति इन दिनों दो बड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आ रही है. एक ओर कांग्रेस और महागठबंधन केंद्र सरकार के खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR) के खिलाफ व्यापक आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज FIR को लेकर राज्य सरकार पर लगातार हमलावर है. दोनों मुद्दों ने प्रदेश की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है और आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.
5 को राजभवन घेरेगी कांग्रेस
कांग्रेस की ओर से 5 सितंबर को MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में राजभवन घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है. इसके बाद 9 से 16 सितंबर तक पूरे झारखंड में चरणबद्ध आंदोलन चलाने की भी घोषणा की गई है. कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का आरोप है कि केंद्र सरकार का यह संशोधन राज्य के खनिज संसाधनों और संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करेगा. महागठबंधन इसे झारखंड के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए राज्यव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी में है.
सीबीआई जांच की मांग पर अड़ी बीजेपी
उधर, भाजपा ने छात्र आंदोलन के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है. पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रोजेक्ट भवन में मुख्य सचिव से मुलाकात कर JPSC और JSSC द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में धांधली की सीबीआई जांच कराने तथा छात्र आंदोलन के दौरान राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज एक हजार से अधिक एफआईआर तत्काल वापस लेने की मांग की. भाजपा ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी छात्रों के साथ सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी.
छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई, नौकरियां बेची गईं और प्रश्नपत्र लीक किए गए. उन्होंने कहा कि जब छात्र शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, तब उन पर लाठीचार्ज कराया गया और हजारों छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने भी कहा कि पार्टी छात्रों के साथ अन्याय किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी. न्याय नहीं मिलने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा. भाजपा के आरोपों पर झामुमो ने पलटवार किया है.
पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा के आंदोलन को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा कि भाजपा छात्रों के भविष्य की चिंता नहीं, बल्कि उनकी आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती है. उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच का मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में मुख्य सचिव पर दबाव बनाना भाजपा की राजनीतिक मंशा को उजागर करता है.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हो रही सख्त कार्रवाई
पांडेय ने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सीआईडी लगातार कार्रवाई कर रही है और परीक्षा धांधली से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच आगे बढ़ रही है. उनके अनुसार भाजपा इसी कार्रवाई से घबराकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है. इधर कांग्रेस ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला है. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने आरोप लगाया कि विधानसभा घेराव के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों के बीच घुसकर अराजकता फैलाने का प्रयास किया था. फिलहाल झारखंड में दो समानांतर राजनीतिक मोर्चे खुल चुके हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता के बीच कौन-सा मुद्दा ज्यादा प्रभाव छोड़ता है और किसकी राजनीतिक रणनीति अधिक कारगर साबित होती है.
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- रांची से विशाल भारद्वाज की रिपोर्ट
