Home Top News UP MLC: शिक्षक व स्नातक सीटों पर BJP और SP उम्मीदवारों की बड़ी जीत, लखनऊ से जीते उमेश

UP MLC: शिक्षक व स्नातक सीटों पर BJP और SP उम्मीदवारों की बड़ी जीत, लखनऊ से जीते उमेश

by Sanjay Kumar Srivastava 28 October 2026, 2:08 PM IST (Updated 28 October 2026, 2:10 PM IST)
28 October 2026, 2:08 PM IST (Updated 28 October 2026, 2:10 PM IST)
UP MLC: शिक्षक और स्नातक सीटों पर बीजेपी और सपा उम्मीदवारों की बड़ी जीत

UP MLC: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आकाश अग्रवाल ने जीती. उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान बूथ कैप्चरिंग हुई, शिक्षकों को डराया-धमकाया गया और हिंसा हुई. अपनी जीत के बाद अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान उनका समर्थन करने वाले शिक्षकों को परेशान किया गया और उन्हें धमकियां दी गईं. उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जो घटनाएं उन्होंने देखीं, उनसे सरकार के प्रति उनकी धारणा बदल गई है. अग्रवाल ने कहा कि हमारे शिक्षक साथियों को परेशान किया गया. बूथ कैप्चरिंग भी हुई. शिक्षकों के MLC चुनाव का स्वरूप ही बदल गया है. मुझे लगता है कि शिक्षक अब कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे.

आगरा में BJP प्रत्याशी पर मारपीट का आरोप

कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की छवि यह थी कि वह आतंकवादियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ है, लेकिन जब मैंने देखा कि मेरे साथियों को डराया-धमकाया जा रहा है और बूथ कैप्चरिंग हो रही है, तो वह छवि टूट गई. हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम करते हैं. समाजवादी छात्र सभा आगरा के अध्यक्ष अमित प्रताप यादव ने भी आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार हरि किशोर तिवारी और उनके समर्थकों ने मारपीट की. यादव ने आरोप लगाया कि रात के करीब 2.30 बज रहे थे. मैं टेबल नंबर 14 पर आकाश अग्रवाल का पोलिंग एजेंट था. जब मतगणना का दूसरा दौर शुरू होने वाला था, तब हमारे उम्मीदवार 2,000 से अधिक वोटों से आगे चल रहे थे. हम स्पष्ट रूप से बढ़त बनाए हुए थे. अचानक, BJP उम्मीदवार खड़े हुए और हमारे उम्मीदवार की ओर झपटे.

बगैर एजेंट के घुसे थे करीब 20 लोग

कहा कि मेरा टेबल नंबर 14 ठीक उसी जगह के बगल में था जहां रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और उम्मीदवार बैठते हैं. जब मैंने उन्हें झपटते हुए देखा तो मैंने तुरंत बीच-बचाव किया. उन्होंने दावा किया कि मौके पर 15 से 25 ऐसे लोग मौजूद थे जिनके पास आधिकारिक पोलिंग एजेंट होने का कोई प्रमाण नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को पुलिस लेकर आई थी. उन्होंने कहा कि वहां 15 से 25 ऐसे लोग मौजूद थे जिनके पास आधिकारिक एजेंट होने का कोई प्रमाण नहीं था. उन्हें पुलिस लेकर आई थी. जब बीजेपी उम्मीदवार ने हमला किया तो हम सब बीच-बचाव करने के लिए दौड़े. वहां अफरा-तफरी मच गई और हाथापाई शुरू हो गई. चुनाव आयोग कहां है? प्रशासन कहां है? ये किस तरह के इंतजाम हैं?

वाराणसी में सपा का परचम

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों (5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) के लिए हुए चुनाव, जिन्हें राज्य विधानसभा चुनाव से पहले एक राजनीतिक सेमी-फाइनल के रूप में देखा जा रहा है, में सत्ताधारी बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. इन 11 सीटों में से बीजेपी ने 6 सीटों पर जीत हासिल की (5 के नतीजे घोषित हो चुके हैं, 1 पर पार्टी आगे है), जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटें जीतीं (3 के नतीजे घोषित हो चुके हैं, 2 पर पार्टी आगे है). मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के दिनेश कुमार गोयल को निर्वाचित घोषित किया गया है. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में, लखनऊ से उमेश द्विवेदी (बीजेपी), वाराणसी से लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी), आगरा से आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी), मेरठ से चंद शर्मा (बीजेपी) और बरेली-मुरादाबाद से हरि सिंह ढिल्लों (बीजेपी) ने जीत हासिल की है.

काम नहीं आया अनंत सिंह का सपोर्ट, पटना स्नातक सीट से जीते नीरज कुमार, शिक्षक सीट से बीजेपी को झटका

News Source: ANI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?