UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है. इसी कड़ी में सोमवार को योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप के सरकारी आवास पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा और उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के पदाधिकारियों की अहम बैठक हुई. बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, पिछड़ा वर्ग के बीच जनसंपर्क बढ़ाने और आगामी चुनाव की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया.
समर्पित कार्यकर्ता हैं पार्टी की ताकत
बैठक में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश वर्मा सहित संगठन और आयोग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. चर्चा का केंद्र वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव रहा, जिसमें संगठन की मजबूती के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग के बीच भाजपा की पहुंच को और व्यापक बनाने पर जोर दिया गया. मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और पिछड़ा वर्ग के बीच लगातार संवाद बनाए रखने का आह्वान किया.
प्रदेशभर में चलेगा जनसंपर्क अभियान
वहीं प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में पिछड़ा वर्ग समाज के प्रमुख लोगों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मंडल, सेक्टर और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा. बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग और संगठन के पदाधिकारी प्रदेशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे. सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध वर्ग और पिछड़ा समाज के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव सरकार और संगठन तक पहुंचाए जाएंगे. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को भी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई.
PDA की काट के रूप में देखी जा रही रणनीति
राजनीतिक हलकों में इस बैठक को सिर्फ संगठनात्मक समीक्षा भर नहीं माना जा रहा है. इसे समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूले की काट के तौर पर भी देखा जा रहा है. पिछले लोकसभा चुनाव के बाद सपा लगातार PDA के जरिए सामाजिक समीकरण मजबूत करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में भाजपा भी पिछड़ा वर्ग के बीच अपनी पकड़ और पैठ को और मजबूत करने के लिए संगठन और सामाजिक संवाद को प्राथमिकता देती दिखाई दे रही है. नरेंद्र कश्यप स्वयं लंबे समय तक भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और पिछड़ा वर्ग की राजनीति में उनका अनुभव पार्टी के लिए अहम माना जाता है.
भाजपा की संगठनात्मक तैयारियां तेज
ऐसे में उनके नेतृत्व में हो रही इस तरह की बैठकों को भाजपा की सामाजिक और चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि, बैठक में भाजपा नेताओं ने सीधे तौर पर किसी विपक्षी दल या PDA रणनीति का उल्लेख नहीं किया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के चुनाव से पहले पिछड़ा वर्ग के बीच संगठन को मजबूत करना, लगातार जनसंपर्क अभियान चलाना और सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए पार्टी विपक्ष के सामाजिक समीकरणों का जवाब देने की तैयारी में जुटी है. ऐसे संकेत हैं कि आने वाले महीनों में भाजपा पिछड़ा वर्ग के बीच संवाद, संगठन विस्तार और बूथ सशक्तिकरण अभियान को और तेज करेगी.
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