Assam Flood: असम में बाढ़ से भारी तबाही की खबर सामने आई है. यहां के करीब 35 जिलों में से 15 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. इस दौरान करीब 3.63 लाख लोग बुरे तरीके से प्रभावित हुए हैं. प्रदेश में बाढ़ से बिगड़ती हालत के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भारतीय सेना को उतारा गया है.
जी हां, मिली जानकारी के अनुसार, असम में बारिश व बाढ़ ने काफी तबाही मचायी है. इससे अब तक 10 लोगों की मौत (इस साल) की भी खबर सामने आई है. लाखों लोग प्रभावित और बेघर हुए हैं. रेस्क्यू टीम उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जा रही हैं. वहीं, असम में लगातार बारिश के बीच सेना ने राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया है.

बाढ़-बारिश से अब तक 10 लोगों की मौत
मिली जानकारी के अनुसार, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने बताया कि जोरहाट जिले में बाढ़ के पानी में दो पुरुष और दो लड़कियां डूब गईं, जबकि एक अन्य व्यक्ति की मौत कार्बी आंगलोंग जिले में हुई. इसके अलावा, चराइदेव और कार्बी आंगलोंग जिलों में एक-एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली है. एएसडीएमए ने बताया कि इन मौतों के साथ, इस साल की बाढ़ में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है.
शिवसागर सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला
एएसडीएमए ने बताया कि बिश्वनाथ, कछार, चराइदेव, चिरांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग, नागांव, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों में 3,62,900 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.
इसमें आगे कहा गया है कि शिवसागर सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है, जहां लगभग 1.58 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, इसके बाद चराइदेव में लगभग 1.05 लाख और जोरहाट में लगभग 51,000 लोग बाढ़ के पानी से जूझ रहे हैं.

असम में सेना के जवान तैनात
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि हालात बिगड़ने के कारण, बचाव और राहत कार्यों में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और जिला प्रशासन की मदद के लिए ऊपरी असम में सेना के जवानों को तैनात किया गया है. ASDMA के अनुसार, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग और नागांव से लगभग 7,000 लोगों को बचाया गया है.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राहत कार्यों की देखरेख के लिए प्रभावित जिलों में चार कैबिनेट मंत्रियों को तैनात किया गया है, साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों के सांसदों और विधायकों से भी जमीनी स्तर पर मौजूद रहने को कहा गया है.
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, अब तक शिवसागर में SDRF और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस ने 510 लोगों को बचाया है; साथ ही, दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर और अतिरिक्त नावें भी तैनात की गई हैं.
असम में बाढ़ का कहर! सात जिलों में 57,000 से ज्यादा लोग प्रभावित, एक की मौत
News Source: PTI
