CID Summon to Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में सियासी गरमाहट चरम पर है. एक तरफ टीएमसी में टूट-फूट चल रही है, तो दूसरी तरफ अभिषेक बनर्जी CID की जांच में फंस गए हैं. सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को विधानसभा में फर्जी हस्ताक्षर मामले में तीसरा समन भेजा है. उन्हें मंगलवार शाम 5 बजे तक पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. पिछले दो समन के बावजूद अभिषेक सीआईडी के सामने पेश नहीं हुए. अगर आज भी वे ऐसा ही करते हैं तो सीआईडी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. यह 24 घंटे की डेडलाइन तब जारी की गई जब बनर्जी पिछले दो समन पर नहीं आए.
तीन बार भेजा गया समन
सीआईडी ने 30 जून को अभिषेक बनर्जी को पहला समन भेजकर पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया था. इसके अगले दिन 1 जून का अभिषेक ने सीआईडी को एक पत्र भेजकर कहा कि उनके ऊपर हुए हमले के बाद वे बीमार हैं. उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला दिया और 15 दिन का समय मांगा. इसके बाद सीआईडी ने उन्हें 8 जून का दूसरा नोटिस भेजा. 8 जून को भी बनर्जी पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. महिला कर्मियों सहित आठ CID अधिकारियों की एक टीम बनर्जी के दक्षिण कोलकाता में कालीघाट स्थित घर पर शाम करीब 4.40 बजे पहुंची, क्योंकि बनर्जी दूसरी बार भेजे गए समन पर नहीं आए और उसी दिन वह नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की मीटिंग में शामिल हुए थे. सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने उनके घर के बंद गेट के बाहर कुछ देर इंतजार करने के बाद नोटिस देने की प्रक्रिया को वीडियो पर रिकॉर्ड किया, डायमंड हार्बर के MP ने सेहत का हवाला दिया और बाद में हाई कोर्ट जाकर सीआईडी कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की.
10 जून को होगी कोर्ट में सुनवाई
पिछले हफ्ते, अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में एक पिटीशन फाइल की, जिसमें जल्दी सुनवाई की मांग की गई थी. जस्टिस चैताली चटर्जी दास की सिंगल वेकेशन बेंच ने उनकी पिटीशन स्वीकार कर ली, लेकिन अर्जेंट हियरिंग की अपील को खारिज कर दिया. मामले की पहली सुनवाई 10 जून को तय की गई है. लेकिन अभिषेक बनर्जी का आज ही शाम तक सीआईडी के सामने पेश होना होगा वरना उनके ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक जाएगी.
क्या है फर्जी हस्ताक्षर मामला
यह मामला 19 मई को विधानसभा स्पीकर को सौंपे गए एक विवादित पत्र से जुड़ा है, जिसमें टीएमसी ने सोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुना था. इस पत्र पर करीब 70 TMC MLAs के हस्ताक्षर थे. हालांकि, बागी विधायकों रीताब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने स्पीकर को शिकायतों करते हुए आरोप लगाया गया कि कुछ विधायकों से हस्ताक्षर जाली थे. इसके बाद अभिषेक बनर्जी पर FIR हुई और CID जांच शुरू की हुई. पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने उस डॉक्यूमेंट के कवर लेटर पर हस्ताक्षर किए, जिस कारण वे जांच के दायरे में आए. अब सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डॉक्यूमेंट कैसे तैयार किया गया और कैसे जमा किया गया.
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News Source: PTI
