Abhijeet Dipke Apologised: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों ने बीते सोमवार को दिल्ली में भारी हंगामा किया. हजारों की भीड़ ने जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च किया. भारी बारिश में लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले झेलने के बावजूद रात भर प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर डेरा डाला. सोमवार को भीड़ के धरनास्थल से हटने के बाद पुलिस ने उनके टेंट को हटाने की कोशिश की थी. मंगलवार सुबह वॉलंटियर्स ने विरोध स्थल की सफाई की और फिर से धरने पर बैठ गए.
कैसा है जंतर-मंतर का हाल
विरोध स्थल के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था रही. प्रदर्शनकारियों को मंच की सफाई करते देखा गया, क्योंकि सोमवार को पुलिस ने टेंट और दूसरे टेम्पररी इंस्टॉलेशन को हटाने के लिए तोड़फोड़ की थी. यहां तक कि मंच को ढकने वाला टेंट भी फटी हुई हालत में था. युवा समर्थकों के एक ग्रुप ने दीपके को अपने अनुभव बताए और आरोप लगाया कि बिना नेम टैग वाले पुलिसवालों ने महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों को पीटा और उन्हें आतंकवादी कहा.
दिपके ने समर्थकों से मांगी माफी
मार्च में हुए बवाल के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए समर्थकों से माफी मांगी. एक एक्स पोस्ट में दिपके ने लिखा “मैं अपने सभी सपोर्टर्स से, खासकर उन लड़कियों से माफी मांगता हूं जिन्हें पुरुष पुलिस ऑफिसर्स ने बुरी तरह पीटा था. हम और बेहतर कर सकते थे. मैं आपको दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से बचाने के लिए और बेहतर कर सकता था.” दिपके ने आरोप लगाया “धर्मेंद्र प्रधान जो 20 से ज़्यादा स्टूडेंट्स की मौत के लिए जिम्मेदार है, उसे बचाने के लिए सरकार कई और यंग स्टूडेंट्स का खून बहाने को तैयार थी. अगर आप घायल हुए हैं और यह देख रहे हैं, तो प्लीज मुझे DM करें. मैं आपसे पर्सनली बात करना चाहता हूं और माफी मांगना चाहता हूं. हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे.”
I apologise to all our supporters, especially the girls who were brutally beaten by male police officers.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 21, 2026
We could have done better. I could have done better to protect you from the inhumane actions of the Delhi Police.
To protect one Dharmendra Pradhan, who is responsible for…
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी
CJP के स्पोक्सपर्सन आशुतोष रांका ने कहा कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 24वें दिन में पहुंच गई है. रांका ने एक्स एक पोस्ट में कहा, “सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के 24वें दिन पर हैं. वह अभी भी हमारे लिए लड़ रहे हैं. हम नहीं रुकेंगे. प्रधान को इस्तीफा देना होगा.”
सोमवार को क्या हुआ
भारी सिक्योरिटी इंतजाम, कई लेयर वाले बैरिकेड और बीएनएस की धारा 163 के तहत रोक के बावजूद, हजारों लोग सोमवार को CJP के संसद तक प्रस्तावित मार्च के लिए जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए. जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले समेत बल का इस्तेमाल किया. इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी संसद भवन के मुख्य गेट तक पहुंच गए. शाम तक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया.
20 जून को शुरू हुआ यह आंदोलन नीट एग्जाम में कथित गड़बड़ियों, एजुकेशन सिस्टम में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहा है. सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने जबरदस्ती सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया था. उन्होंने हॉस्पिटल से ही अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है.
‘इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड और ग्लूकोज लेने से इनकार…’, वांगचुक की हेल्थ पर डॉक्टरों का बड़ा अपडेट
News Source: PTI
