PM Modi on NEET Paper Leak: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले पर पहली बार अपनी बात कही है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिलाया है. पीएम मोदी का यह बयान 20 जुलाई को सीजेपी के संसद मार्च के एक दिन बाद आया है, जिसमें हिंसा भड़क गई थी और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया था.
इस घटना में 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी और कई प्रदर्शनकारी चोटिल हुए थे. पुलिस ने 60 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया. अब आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले में और क्या कहा है.
दोषियों को सख्त सजा दिलाएंगे- पीएम मोदी
आज दिल्ली में NDA संसदीय दल की बैठक हुई. इसका नाम ‘मंगल मिलन’ रखा गया था. संसद पुस्तकालय भवन के G.M.C. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NDA के अन्य नेता शामिल हुए थे. इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी आए थे और वे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बगल वाली सीट पर बैठे थे.
इस बैठक में पीएम मोदी ने पहली बार नीट पेपर लीक मामले पर अपनी बात कही. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छात्रों को लेकर सरकार संवेदनशील है. सरकार ने नीट पेपर पेपर लीक पर कार्रवाई की है. उन्होंने सख्ती के साथ कहा कि पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दिलाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे यह भी कहा कि पेपर लीक पर राजनीति नहीं हो. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी.
आगे ऐसा ना हो इसका इंतजाम करेंगे- प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आगे ऐसा ना हो इसका इंतजाम करेंगे. यानी कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह साफ संदेश दे दिया है कि नीट पेपर लीक के मामले में जो भी दोषी होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. इसके साथ ही पीएम ने यह भी साफ कर दिया और भरोसा दिलाया है कि आगे से कोई पेपर लीक न हो, इसका अच्छे से ध्यान रखा जाएगा.
वहीं, एनडीए की इस बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पीएम मोदी की बातों को बताते हुए मीडिया से कहा, “नीट परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गई और नतीजे घोषित किए गए.”
सीजेपी के नेतृत्व में ‘चलो संसद’ मार्च
बता दें कि 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में ‘चलो संसद’ मार्च निकाला गया. इस संसद मार्च में हजारों की संख्या में छात्र व प्रदर्शनकारी शामिल हुए. संसद के मानसूत्र सत्र की शुरुआत को देखते हुए दिल्ली में धारा 163 (पहले 144) लागू की गई थी और किसी भी प्रकार के मार्च की अनुमति नहीं थी.
इसके बावजूद भी मार्च निकाला गया था. इस दौरान प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रह थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. संसद तक पहुंचते ही प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
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News Source: PTI
