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गुजरात में सभी हेलीपैड की होगी सख्त निगरानी, इमरजेंसी के लिए हमेशा ‘परिचालन स्थिति’ में रखने के निर्देश

by Nikul Patel 3 September 2026, 10:37 AM IST
3 September 2026, 10:37 AM IST
Gujarat Helipad

Gujarat Helipad: गुजरात सरकार ने राज्य के सभी मौजूदा हेलीपैड की नियमित और सख्त निगरानी एवं रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में लिए गए इस फैसले का उद्देश्य आपदा प्रबंधन, मेडिकल इमरजेंसी, राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी के राज्य दौरे के दौरान हेलीपैड की उपलब्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है. राज्य सरकार के मार्ग एवं मकान विभाग की ओर से जारी आधिकारिक परिपत्र के अनुसार अब राज्य के प्रत्येक मौजूदा हेलीपैड का कम से कम हर तीन महीने में एक बार स्थल निरीक्षण करना अनिवार्य होगा.

तुरंत खराबी ठीक करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान हेलीपैड की कार्यक्षमता और मौजूदा सुविधाओं की स्थिति की जांच की जाएगी. यदि निरीक्षण के दौरान किसी तरह की खराबी, क्षति या मरम्मत की आवश्यकता सामने आती है, तो उसे बिना किसी देरी के तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को अपने क्षेत्र के सभी हेलीपैड को हमेशा पूरी तरह उपयोग योग्य यानी ‘ऑपरेशनल कंडीशन’ में रखने की जिम्मेदारी सौंपी है. इसके अलावा, अधीक्षक अभियंताओं को भी अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी हेलीपैड की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा करते रहने के निर्देश दिए गए हैं. इससे हेलीपैड के रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही या देरी की संभावना को कम किया जा सकेगा.

आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाएगा

हेलीपैड की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उसकी सतह, पक्कीकरण/पेवमेंट, पेंटेड मार्किंग, ड्रेनेज सिस्टम और एप्रोच एरिया समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित मरम्मत और देखरेख की जाएगी. सरकार का फोकस केवल हेलीपैड की सतह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके आसपास के क्षेत्र को भी सुरक्षित और बाधामुक्त रखने पर रहेगा. हेलीपैड या उसके आसपास होने वाले अनधिकृत कब्जे, निर्माण, सामग्री का भंडारण, वाहनों की पार्किंग, कचरा, झाड़ियां और सरकारी विभागों द्वारा जब्त किए गए अनुपयोगी वाहनों जैसी बाधाओं पर भी लगातार निगरानी रखी जाएगी. ऐसी किसी भी बाधा के सामने आने पर उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर के संचालन में किसी तरह की रुकावट न आए.

आपदा और मेडिकल इमरजेंसी में अहम भूमिका

सरकार का मानना है कि आपदा, मेडिकल इमरजेंसी, राहत-बचाव अभियान और वीआईपी मूवमेंट के दौरान हेलीपैड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे समय में हेलीपैड का तुरंत और बिना किसी बाधा के उपयोग किया जा सके, इसके लिए उन्हें हर समय तैयार रखना जरूरी है. राज्य सरकार के इस फैसले से गुजरात के हेलीपैड की नियमित निगरानी, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है. इससे आपदा या आपात स्थिति के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की हवाई आवाजाही को भी अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जा सकेगा.

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