Janmashtami 2026 : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है. कान्हा के जन्मोत्सव पर मंदिरों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है. प्रमुख मंदिरों से लेकर छोटे-बड़े धार्मिक स्थलों तक पुलिस की नजर रहेगी.
9 इलाकों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया
दिल्ली पुलिस के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक प्रमुख मंदिर हैं, जबकि करीब 8 से 9 इलाकों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है. इसके अलावा राजधानी के करीब 300 से 350 मंदिरों में जन्माष्टमी के कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है. इन सभी स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी.
मंदिरों के आसपास बढ़ेगा पहरा
जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस की ड्यूटी दो शिफ्टों में लगाई जाएगी. प्रमुख मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही प्रवेश और निकास मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी. संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर होगी. लगभग 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती अलग-अलग मंदिरों पर की जाएगी. इसका पूरा खाका पुलिस में तैयार कर लिया है.
CCTV से जमीन तो ड्रोन से आसमान पर नजर
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा. सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से निगरानी की जाएगी. भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सके. डीसीपी आरपी मीणा के मुताबिक, जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता रहेगी. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की टीमें तैयार रहेंगी.
सुरक्षा के घेरे में होगा जन्मोत्सव
जन्माष्टमी पर मंदिरों में भक्ति और उल्लास का माहौल रहेगा तो दूसरी ओर दिल्ली पुलिस सुरक्षा की कमान संभालेगी. पुलिस का प्रयास है कि श्रद्धालु बेफिक्र होकर कान्हा के दर्शन करें और जन्मोत्सव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो. कान्हा के जन्म की खुशी में दिल्ली झूमेगी, लेकिन सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस की नजर हर कदम पर रहेगी.
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