Gujarat News : गुजरात पुलिस ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सक्षम, सटीक और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. गुजरात पुलिस द्वारा ‘गुजरात पुलिस इनोवेशन चैलेंज 2026’ के तहत देश की सबसे बड़ी CCTV इंटीग्रेशन और AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स हैकाथॉन आयोजित की जाएगी. इस पहल के जरिए देशभर के इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों, डेवलपर्स और रिसर्चर्स को वास्तविक पुलिसिंग चुनौतियों के लिए आधुनिक तकनीकी समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा.
सुरक्षा चुनौतियों का होगा समाधान
राज्य के पुलिस महानिदेशक जीएस मलिक के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली इस हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक के जरिए वास्तविक सुरक्षा चुनौतियों का समाधान तैयार करना है. गुजरात पुलिस की योजना राज्य में मौजूद 80 हजार से अधिक CCTV कैमरों को एक नेटवर्क पर इंटीग्रेट करने में सक्षम स्केलेबल टेक्नोलॉजी विकसित करने की है. राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में अलग-अलग वेंडर्स, VMS प्लेटफॉर्म, तकनीक और नेटवर्क आर्किटेक्चर पर CCTV कैमरे संचालित हो रहे हैं. इन सभी को एक सुरक्षित और प्रभावी सिस्टम में इंटीग्रेट करना इस हैकाथॉन का प्रमुख लक्ष्य है.
इसके जरिए गुजरात में एक मजबूत और तेज पब्लिक सेफ्टी इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा. खास बात यह है कि देश में पहली बार इस स्तर पर प्रतियोगियों को लाइव CCTV कैमरा फीड्स पर वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अपने तकनीकी समाधान का परीक्षण करने का अवसर मिलेगा.
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संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की रियल टाइम पहचान
हैकाथॉन के दौरान AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा. इसमें संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और असामान्य गतिविधियों की रियल टाइम पहचान तथा पुलिस को तत्काल अलर्ट भेजने जैसी क्षमताओं पर काम होगा. इसके अलावा Automatic Number Plate Recognition (ANPR), Vehicle Tracking, Watchlist Matching और Cross-Camera Search जैसी तकनीकों का भी लाइव वातावरण में परीक्षण किया जाएगा. इसका उद्देश्य पुलिस को घटनाओं की पहचान, निगरानी और त्वरित कार्रवाई में तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना है. यह हैकाथॉन दो चरणों में आयोजित की जाएगी.
दो स्टेज में बांटी गईं कैटेगरी
स्टेज-1 में बने ओपन इनोवेशन चैलेंज में दो कैटेगरी में प्रतियोगियों का चयन होगा. पहली कैटेगरी में विद्यार्थी और छोटे एवं मध्यम स्टार्टअप्स हिस्सा ले सकेंगे, जबकि दूसरी कैटेगरी में बड़े स्टार्टअप्स और स्थापित टेक्नोलॉजी कंपनियां भाग लेंगी. इसके बाद स्टेज-2 में बेहतर प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 6 टीमें पहुंचेंगी. ये टीमें लाइव प्रोडक्शन एनवायरनमेंट में वास्तविक पुलिसिंग सिचुएशन पर अपने समाधान का प्रदर्शन करेंगी. इस हैकाथॉन में विजेता प्रतिभागियों को कुल 37 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे. हैकाथॉन के आयोजन की शुरुआत संभावित रूप से सितंबर 2026 में होने की संभावना है.
पूरी जानकारी पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए पात्रता, नियम, गाइडलाइंस और अन्य जानकारी गुजरात पुलिस के आधिकारिक पोर्टल sentinel.gujarat.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है. इस महत्वपूर्ण पहल को गुजरात पुलिस अकेले नहीं, बल्कि तकनीकी और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से आगे बढ़ा रही है. इसमें I-Hub Gujarat टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में तथा DA-IICT और National Forensic Sciences University (NFSU) नॉलेज पार्टनर के रूप में सहयोग कर रहे हैं. कुल मिलाकर गुजरात पुलिस की यह पहल पारंपरिक CCTV निगरानी को AI आधारित स्मार्ट और प्री-एक्टिव पुलिसिंग सिस्टम में बदलने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. 80 हजार से अधिक कैमरों को एकीकृत करने और लाइव CCTV फीड पर AI समाधानों के परीक्षण से गुजरात में भविष्य की स्मार्ट पब्लिक सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है.
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