New Delhi : भारत मंडपम में कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) एवं इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO ) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित चार दिवसीय भारतीय व्यापार महोत्सव (BVM ) 2026 ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुआ. यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल और आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला देश के सबसे बड़े व्यापारिक आयोजनों में से एक बनकर उभरा.
कई सेक्टर के एक्सपर्ट्स ने लिया हिस्सा
CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि महोत्सव में व्यापारियों, निर्माताओं, निर्यातकों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, उपभोक्ताओं और विदेशी खरीदारों समेत 1.8 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया. आयोजित खरीदार-विक्रेता बैठकों, व्यापारिक संवादों, सोर्सिंग चर्चाओं और साझेदारी वार्ताओं के परिणामस्वरूप 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापारिक अवसर सृजित हुए हैं, जिनके आने वाले महीनों में वास्तविक व्यापारिक सौदों में परिवर्तित होने की संभावना है.
विदेशी प्रतिनिधियों ने किया विचार-विमर्श
उन्होंने बताया कि बीवीएम 2026 की एक प्रमुख विशेषता इसकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी रही. महोत्सव में 23 देशों से 347 विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें अफ्रीका, यूरोप, एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और लैटिन अमेरिका के देशों के प्रतिनिधि शामिल थे. इन प्रतिनिधियों ने भारतीय उद्यमों के साथ सोर्सिंग, रणनीतिक साझेदारी, संयुक्त उपक्रम, तकनीकी सहयोग, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा दीर्घकालिक व्यापारिक संबंधों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया. साथ ही ये भारत को एक विश्वसनीय विनिर्माण एवं आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के रूप में बढ़ती वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है.
खंडेलवाल ने कहा कि महोत्सव में 20 से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ब्रांड प्रतिनिधियों और वैश्विक बाइंग हाउसेज की उपस्थिति भी विशेष आकर्षण रही. इनमें प्राइमरी ग्रुप, रिलायंस रिटेल, ट्राइबर्ग, इम्पल्स और न्यू टाइम्स ग्रुप प्रमुख रहे. इन संस्थाओं ने वस्त्र, फैशन, कृषि, लाइफस्टाइल, हस्तशिल्प, FMCG तथा विनिर्माण क्षेत्रों के प्रदर्शकों के साथ व्यापक व्यापारिक बैठकें कीं, जिससे निर्यात और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के नए अवसर खुले.
भारत की क्षमताओं का व्यापक प्रदर्शन किया गया
भारतीय व्यापार महोत्सव में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, एफएमसीजी , ऑर्गेनिक उत्पाद, वस्त्र एवं परिधान, हस्तशिल्प, चमड़ा एवं फुटवियर, स्वास्थ्य सेवाएं एवं फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, अक्षय ऊर्जा, निर्माण सामग्री, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल समाधान, रिटेल, ई-कॉमर्स, पर्यटन, आतिथ्य तथा MSME विनिर्माण सहित अनेक क्षेत्रों की भारत की क्षमताओं का व्यापक प्रदर्शन किया गया.
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खंडेलवाल ने बताया कि कैट की नई पहल भारत इनोवेशन एंड स्टार्टअप एक्सचेंज (BISE) महोत्सव का प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना. इसके अंतर्गत 150 से अधिक स्टार्टअप पिच सत्र, 8 पैनल चर्चाएं, 35 प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की भागीदारी तथा 500 करोड़ रुपये की औसत निवेश क्षमता वाले 50 से अधिक निवेशकों की उपस्थिति रही. इस पहल ने नवाचार, निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया.
36 आई-टॉक्स सत्र भी आयोजित किए गए
महोत्सव में 18 ज्ञानवर्धक सत्र, 2 कंट्री डायलॉग्स तथा 36 आई-टॉक्स सत्र भी आयोजित किए गए. इस दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश, निर्यात और आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. इसके अलावा 150 से अधिक प्रवासी भारतीयों (NRIs) की भागीदारी ने भारतीय प्रवासी समुदाय और देश के व्यापार जगत के बीच संबंधों को और मजबूत किया.
खंडेलवाल ने कहा कि आइडियाज फॉर एबिलिटी एक्सपो, PIOCCI तथा रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3011 जैसे संगठनों के सहयोग से महोत्सव ने व्यापार, नवाचार, सामाजिक समावेशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एक ही मंच पर सफलतापूर्वक एकीकृत किया.
भारतीय उद्यमों की बढ़ती शक्ति
उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 की ऐतिहासिक सफलता ने भारतीय उद्यमों की बढ़ती शक्ति, प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को प्रदर्शित किया है. इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि इस आयोजन ने भारतीय व्यवसायों को स्थानीय बाजारों से वैश्विक अवसरों तक पहुंचाने के लिए एक सशक्त राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है, जो भारत को एक अग्रणी आर्थिक शक्ति और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा.
