Home Top News ‘कट्टरपंथी सोच’ से प्रभावित था को-पायलट? चाकू से कैप्टन पर हमला, पैरों से कंट्रोल तोड़ने की कोशिश

‘कट्टरपंथी सोच’ से प्रभावित था को-पायलट? चाकू से कैप्टन पर हमला, पैरों से कंट्रोल तोड़ने की कोशिश

by Preeti Pal 2 October 2026, 10:07 AM IST (Updated 2 October 2026, 10:18 AM IST)
2 October 2026, 10:07 AM IST (Updated 2 October 2026, 10:18 AM IST)
‘कट्टरपंथी सोच’ से प्रभावित था को-पायलट? चाकू से कैप्टन पर हमला, पैरों से कंट्रोल तोड़ने की कोशिश

Flydubai Pilot Attack: हवा में उड़ता विमान, सामने हजारों फीट गहरी खाई और अचानक कॉकपिट के अंदर शुरू हुई खतरनाक लड़ाई. फ़्लाईदुबई की एक उड़ान में जो कुछ हुआ, उसने यात्रियों से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक को हैरान कर दिया. आरोप है कि को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला किया. साथ ही प्लेन का कंट्रोल बिगाड़कर उसे गिराने की कोशिश की. लेकिन कैप्टन ने आखिरी दम तक मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इसके बाद यात्रियों और क्रू ने मिलकर हमलावर को काबू किया. विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इस घटना में विमान में सवार 180 लोगों की जान बाल-बाल बची.

अचानक शुरू हुआ हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, फ़्लाईदुबई की ये फ्लाइट दुबई से तेल अवीव की तरफ जा रही थी और इजरायली एयरस्पेस के करीब पहुंच रही थी. तभी को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया. हमले के बावजूद कैप्टन मछार ने हिम्मत नहीं छोड़ी. उन्होंने हमलावर को पीछे हटाने की कोशिश की. फिर किसी तरह उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला. इसके बाद प्लेन में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने सिचुएशन संभालने में काफी मदद की. दो ऐसे पायलट भी उस प्लेन में मौजूद थे, जो तब ड्यूटी पर नहीं थे. उन्होंने विमान का कंट्रोल संभालने में मदद की और इसे सुरक्षित तरीके से सऊदी अरब के तबुक पहुंचाया गया.

कंट्रोल तोड़ने की कोशिश का दावा

इस घटना को लेकर सामने आई जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से जुड़े प्रवक्ता डेविड मेंसर के मुताबिक, एक यात्री ने कॉकपिट में हुई घटना के बारे में पूरी जानकारी दी. मेंसर ने दावा किया कि हमलावर पायलट की सीट पर बैठा नहीं था, बल्कि कंट्रोल के ऊपर खड़ा था. हमला करते हुए वो अपने पैरों से विमान के कंट्रोल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था. उनके मुताबिक, हमलावर का उद्देश्य विमान को नीचे गिराना था. हालांकि, इस मामले की जांच अभी जारी है. साथ ही हमले के पीछे की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही क्लियर होगी.

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ईयरफोन कॉर्ड तक इस्तेमाल

स्थिति इतनी खतरनाक थी कि हमलावर को काबू करने के लिए क्रू और यात्रियों को तुरंत जो भी उपलब्ध था, उसका इस्तेमाल करना पड़ा. प्रधानमंत्री नेतन्याहू के अनुसार, हमलावर को रोकने के लिए ईयरफोन की तार और प्लास्टिक कफ का इस्तेमाल किया गया. नेतन्याहू ने ये भी कहा कि हमलावर बार-बार ‘मुझे मार दो’ कह रहा था. इसी आधार पर उन्होंने घटना को संभावित आत्मघाती हमले जैसा बताया. हालांकि, हमलावर की पहचान आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है. एक ओमानी अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि वो ओमान में पैदा हुआ था और उसके पास ओमानी नागरिकता है.

कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा

पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर इजरायली अधिकारियों ने दावा किया कि को-पायलट ने इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा का सामना किया था. इजरायल के रक्षा मंत्री ने इससे पहले घटना को कथित ‘जिहादी आतंकवादी हमला’ बताया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसके ईरानी कनेक्शन की बात कही. हालांकि, ये भी क्लियर किया कि मामले की जांच चल रही है. वहीं, नेतन्याहू ने कहा कि इस समय ईरान की किसी भूमिका पर निश्चित तौर पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी. वहीं, जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या ये किसी बड़े हमले की साजिश थी या हमलावर ने अकेले ही ये कदम उठाया.

खून से लथपथ भारतीय कैप्टन

घटना के बाद सामने आए वीडियो में विमान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया. यात्री चिल्लाते हुए कह रहे थे कि हमलावर ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की. कैप्टन मछार कॉकपिट के बाहर घायल अवस्था में दिखाई दिए. उनके शरीर पर चोट के निशान थे. उन्होंने बताया कि हमलावर ने उन्हें कई बार मारा. उनके हाथ में भी गंभीर चोट आई थी. इसी दौरान इजरायली डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव मदद के लिए आगे आए और घायल कैप्टन को मेडिकल हेल्प देने की कोशिश की.

इंडियन कैप्टन की बहादुरी

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन मछार के साहस की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि अपनी जान खतरे में होने के बावजूद भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोला. उन्होंने इस बड़ी त्रासदी को टालने में बड़ी भूमिका निभाई. भारत के यूएई में राजदूत दीपक मित्तल ने भी अस्पताल जाकर कैप्टन मछार और उनके परिवार से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि कैप्टन की हालत स्थिर है. अब वो ठीक हो रहे हैं. राजदूत के मुताबिक, उनका हौसला काफी ऊंचा है और वो मुस्कुरा भी रहे थे. उन्होंने कैप्टन को ‘भारत का बहादुर बेटा’ बताते हुए उनकी जमकर तारीफ की. फिलहाल जांच एजेंसियां हमले के मकसद, हमलावर की पृष्ठभूमि और किसी संभावित बाहरी साजिश के एंगल की जांच कर रही हैं.

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