Home पर्यटन कुरुक्षेत्र घूमने निकल रहे हैं? महाभारत की धरती पर इन धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों को जरूर देखें

कुरुक्षेत्र घूमने निकल रहे हैं? महाभारत की धरती पर इन धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों को जरूर देखें

by Preeti Pal 2 October 2026, 12:42 PM IST
2 October 2026, 12:42 PM IST
कुरुक्षेत्र घूमने निकल रहे हैं? महाभारत की धरती पर इन धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों को जरूर देखें

Kurukshetra Tourism: हरियाणा के दिल में बसा कुरुक्षेत्र सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, धर्म, संस्कृति और पौराणिक कथाओं का ऐसा संगम है, जहां कदम-कदम पर कोई कहानी आपका इंतजार करती मिलती है. महाभारत का नाम आते ही जिस धरती की तस्वीर आंखों के सामने उभरती है, वो कुरुक्षेत्र ही है. माना जाता है कि इसी पावन भूमि पर भगवान कृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान दिया था. आज का कुरुक्षेत्र धार्मिक यात्राओं के साथ-साथ इतिहास और विरासत को करीब से समझने वाले लोगों के लिए भी खास जगह है. यहां प्राचीन सरोवर हैं, भव्य मंदिर हैं, संग्रहालय हैं और ऐसी ऐतिहासिक इमारतें हैं जो भारत के लंबे सांस्कृतिक सफर की कहानी सुनाती हैं. ऐसे में अगर आप भी कुरुक्षेत्र घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ एक-दो जगह देखकर वापस लौटना इस शहर के साथ नाइंसाफी होगी. आज आपके लिए यहां की उन खास जगहों की लिस्ट भी लाए हैं, जहां आस्था, इतिहास और रोमांच तीनों एक साथ महसूस किए जा सकते हैं.

ज्योतिसर

कुरुक्षेत्र की जर्नी ज्योतिसर के बिना अधूरी मानी जाती है. ये वही जगह है जहां महाभारत के युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था. ज्योतिसर परिसर में एक प्राचीन बरगद का पेड़ श्रद्धालुओं को बहुत अट्रैक्ट करता है. इसके नीचे कांच से सुरक्षित एक सुंदर संगमरमर का रथ बनाया गया है, जो श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए संवाद की याद दिलाता है. पेड़ की शाखाओं पर बंधे लाल धागे भी यहां लोगों का ध्यान खींचते हैं. श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ इन धागों को बांधते हैं. सुबह और शाम के समय यहां का नज़ारा शांत और आध्यात्मिक वाला होता है. अगर आप इतिहास और आध्यात्मिकता दोनों में रुचि रखते हैं, तो ज्योतिसर आपके लिए सबसे खास जगहों में से एक हो सकती है.

ब्रह्म सरोवर

कुरुक्षेत्र का ब्रह्म सरोवर शहर की सबसे फेमस जगहों में शामिल है. बड़े साइज का ये सरोवर धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी भव्यता के लिए भी जाना जाता है. ‘ब्रह्म’ नाम भगवान ब्रह्मा से जुड़ा है, जबकि ‘सरोवर’ का मतलब तालाब या जलाशय होता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, कुरुक्षेत्र की धरती पर भगवान ब्रह्मा ने यज्ञ किया था. यही वजह है कि इस जगह का विशेष महत्व माना जाता है. ब्रह्म सरोवर के आसपास बने घाट और मंदिर पूरे परिसर को एक अलग ही रूप देते हैं. सरोवर के बीच बने मंदिर तक पुल के जरिए पहुंचा जा सकता है. पानी के बीच मंदिर का सीन बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लगता है. सुबह सूर्योदय और शाम सूर्यास्त के समय यहां का माहौल देखने लायक होता है. जब सूरज की रोशनी पानी पर पड़ती है तो पूरा सरोवर चमक से भर जाता है. परिसर में भगवान कृष्ण और अर्जुन को दर्शाता विशाल काले पत्थर का रथ भी है. सरोवर के आसपास बने घाटों के नाम भी महाभारत के किरदारों से जुड़े हुए हैं.

राजस्थान की वो दीवार जिसके रहस्य आज भी करते हैं हैरान, क्या आपने सुना है The Great Wall of India का नाम?

श्री कृष्ण संग्रहालय

अगर आप कुरुक्षेत्र के धार्मिक पक्ष के साथ कला और इतिहास को भी समझना चाहते हैं तो श्री कृष्ण संग्रहालय जरूर जाएं. कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने इसे 1987 में स्थापित किया था. इसमें भगवान कृष्ण, महाभारत और गीता से जुड़ी अलग-अलग गैलरियां हैं. यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से जुटाई गई कलाकृतियां, पेंटिंग्स और मूर्तियां देखने को मिलती हैं. संग्रहालय की गैलरियों में चितारा, तालपत्रचित्र, वारली और मधुबनी जैसी भारतीय कला शैलियों की झलक भी मिलती है. भगवान कृष्ण के अलग-अलग रूपों को दर्शाती लकड़ी की मूर्तियां भी यहां देखने को मिलती हैं. यानी अगर आप सोच रहे हैं कि कुरुक्षेत्र में सिर्फ मंदिर ही देखने को मिलेंगे, तो ये संग्रहालय आपकी सोच बदल सकता है. ये जगह खास तौर पर बच्चों और यंगस्टर्स के लिए भी दिलचस्प हो सकती है, क्योंकि यहां धार्मिक कथाओं को कला और वस्तुओं के जरिए समझने का मौका मिलता है.

बिरला मंदिर

कुरुक्षेत्र का बिरला मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है. ये मंदिर साल 1952 में बना था. सफेद संगमरमर से बने होने की वजह से मंदिर की खूबसूरती देखते ही बनती है. मंदिर परिसर में बड़ा बगीचा है और यहां भगवान कृष्ण की मूर्ति के साथ-साथ मंदिर के स्तंभ, फर्श और सीढ़ियों में भी संगमरमर का खूबसूरत इस्तेमाल किया गया है. मंदिर की दीवारों पर संतों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े चित्र और संदेश देखने को मिलते हैं. मेन गेट की सीढ़ियों के दोनों तरफ बने संगमरमर के हाथी भी अट्रैक्शन का हिस्सा हैं. जन्माष्टमी के दिन यहां खास प्रोग्राम होते हैं. इसलिए अगर आपकी जर्नी उस टाइम होती है, तो मंदिर का माहौल और भी खास नजर आता है.

अक्टूबर में घूमने का है प्लान? इन 8 Offbeat जगहों पर मिलेगा मौसम, पहाड़, महल और समंदर का कॉम्बो

पांडवों की हवेली

कुरुक्षेत्र में पांडवों की हवेली है, जिसे कौरव-पांडव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. ये महाभारत से जुड़ी कथाओं को करीब से देखने का एक अलग एक्सपीरियंस देती है. हवेली के एंट्री गेट पर देवी-देवताओं की पेंटिंग्स और फूलों के सुंदर डिजाइन नजर आते हैं. अंदर अलग-अलग हिंदू देवी-देवताओं और महाभारत के पात्रों से जुड़ी मूर्तियां भी मौजूद हैं. इस जगह की खासियत इसकी दीवारों पर बनी पेंटिंग्स हैं. इनमें महाभारत की अलग-अलग घटनाओं को चित्रों के जरिए दिखाया गया है. यानी किताब में पढ़ी गई कहानी यहां दीवारों पर एक सीन की तरह नजर आती है. परिसर में कांच के अंदर रखा गया बड़ा सा घंटा भी लोगों का ध्यान खींचता है, जिसे ‘प्राचीन गज घंटा’ भी कहा जाता है.

मां भद्रकाली मंदिर

कुरुक्षेत्र का मां भद्रकाली मंदिर धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए बहुत खास जगह है. इसे भारत के 52 शक्तिपीठों में शामिल माना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार माता सती ने राजा दक्ष के यज्ञ में हुए अपमान के बाद अपने प्राण त्याग दिए थे. इसके बाद भगवान शिव उनके शरीर को लेकर विचरण करने लगे. मान्यता है कि भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंग अलग-अलग जगहों पर गिरे और इन्हीं स्थानों को शक्तिपीठ माना गया. कुरुक्षेत्र में माता सती का दाहिना टखना गिरने की मान्यता है. इसी वजह से ये मंदिर शक्तिपीठ के रूप में लाखों लोगों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है. शनिवार को यहां श्रद्धालुओं की काफी ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है. मनोकामना पूरी होने पर भक्त मंदिर में छोटे घोड़े चढ़ाने की परंपरा भी निभाते हैं.

शेख चिल्ली का मकबरा

कुरुक्षेत्र सिर्फ हिंदू धार्मिक जगहों के लिए ही फेमस नहीं है. यहां शेख चिल्ली का मकबरा भी है, जो मुगल काल और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए खास जगह है. शेख चिल्ली को दारा शिकोह का गुरु माना जाता है. इसके परिसर में दो मकबरे हैं. इसके अलावा एक मदरसा, सुंदर बगीचा और पुरातात्विक संग्रहालय भी मौजूद हैं. शेख चिल्ली का मकबरा बलुआ पत्थर से बना है और इसके ऊपर बना मोती जैसा संगमरमर का गुंबद इसकी खूबसूरती बढ़ाता है. उनकी पत्नी का मकबरा लाल बलुआ पत्थर से बना है. उस पर संगमरमर का गुंबद और फूलों की नक्काशी दिखाई देती है.
परिसर का संग्रहालय भी खास है. यहां अलग-अलग ऐतिहासिक काल से जुड़ी मुहरें, टेराकोटा की मूर्तियां, जूलरी और तलवारें जैसी पुरातात्विक चीज़ें देखने को मिलती हैं. यानी एक ही शहर में आपको महाभारत की परंपरा से लेकर मध्यकालीन भारतीय इतिहास तक की झलक देखने को मिल जाती है.

भारत की ‘गुफाओं की नगरी’ कौन सी है? समुद्र के बीच छिपा है 1500 साल पुराना गज़ब का रहस्य

कल्पना चावला मेमोरियल प्लेनेटेरियम

कुरुक्षेत्र को अगर आप धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों से आगे बढ़कर साइंस से भी जोड़ना चाहते हैं, तो कल्पना चावला मेमोरियल प्लेनेटेरियम जरूर देखें. ये प्लेनेटेरियम अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला कल्पना चावला की याद में बनाया गया. यहां प्लेनेटेरियम, गैलरी और एस्ट्रोपार्क जैसे हिस्से हैं. एस्ट्रोपार्क में जंतर-मंतर का छोटा वर्जन भी देखने को मिलता है. इसके अलावा यहां कई ऐसी इंटरैक्टिव चीजें हैं, जिनके जरिए चंद्र ग्रहण, कोणीय संवेग, केप्लर के नियम, समय और प्रकाश से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने का मौका मिलता है. परिवार के साथ घूमने वालों के लिए ये जगह खास काफी दिलचस्प हो सकती है. यहां बच्चों के लिए घूमना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि साइंस को समझने का एक्सपीरियंस भी बन सकता है.

कुरुक्षेत्र में क्या है खास?

कुरुक्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां एक ही बार में कई अलग-अलग एक्सपीरियंस मिल जाते हैं. एक तरफ ज्योतिसर और ब्रह्म सरोवर जैसी धार्मिक जगह हैं, तो दूसरी तरफ श्री कृष्ण संग्रहालय और शेख चिल्ली का मकबरा इतिहास और कला से मिलवाते हैं. वहीं, कल्पना चावला मेमोरियल प्लेनेटेरियम आपको सीधे अंतरिक्ष की दुनिया में ले जाता है. यानी परिवार में किसी को धर्म पसंद है, किसी को इतिहास, किसी को कला और किसी को विज्ञान, तो कुरुक्षेत्र में हर किसी के लिए कुछ न कुछ है. ऐसे में यहां की यात्रा को सिर्फ मंदिरों के दर्शन तक सीमित न रखें. सुबह किसी सरोवर के किनारे शांत समय बिताना, ऐतिहासिक इमारतों को करीब से देखना, संग्रहालयों में भारतीय कला को समझना और शाम को धार्मिक जगहों शांति फील करना आपकी जर्नी को ज्यादा यादगार बना सकता है. ऐसे में अगर आपके पास घूमने के लिए टाइम कम है, तो दिल्ली-एनसीआर के लोग वीकेंड पर कुरुक्षेत्र की ट्रिप प्लान कर सकते हैं. आप कम टाइम में बहुत सारी और अच्छी जगह देख सकते हैं.

लाल किले की दीवारों में कैद है दिल्ली का इतिहास, कभी मुगल बादशाहों का घर तो आज देश की शान

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?