Home Latest News & Updates गुजरात में नकली घी का बड़ा खेल बेनकाब, केमिकल से तैयार होता था देसी घी;1.67 करोड़ का माल जब्त

गुजरात में नकली घी का बड़ा खेल बेनकाब, केमिकल से तैयार होता था देसी घी;1.67 करोड़ का माल जब्त

by Nikul Patel 6 August 2026, 4:32 PM IST
6 August 2026, 4:32 PM IST
Major racket involving fake ghee Gujarat

Gujarat News : गुजरात में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली घी बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. गांधीनगर रेंज के आईजी वीरेंद्रसिंह यादव के नेतृत्व में पुलिस ने छत्राल GIDC स्थित ‘हैप्पी ऑयल इंडस्ट्री’ पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये के संदिग्ध पाम ऑयल, केमिकल और अन्य सामग्री जब्त की है. इस कार्रवाई में करीब 1.67 करोड़ रुपये का माल बरामद हुआ है.

पाम ऑयल से बनाया जाता देशी घी

शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में पाम ऑयल में विशेष रासायनिक पदार्थ मिलाकर उसे देसी घी जैसा रंग, खुशबू और टेक्सचर दिया जाता था, जिसे बाद में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से बाजार में असली घी बताकर बेचा जाता था. पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में पाम ऑयल, केमिकल और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले.

जांच में पता चला है कि सामान्य पाम ऑयल में RM Enhancer और BT Negative जैसे केमिकल मिलाए जाते थे. इन रसायनों की मदद से तेल को इस तरह तैयार किया जाता था कि उसकी खुशबू और बनावट बिल्कुल देसी घी जैसी दिखाई दे. इसके बाद तैयार उत्पाद को विभिन्न ट्रेडिंग कंपनियों और व्यापारियों को भेजा जाता था, जो अपने-अपने ब्रांड के लेबल लगाकर इसे बाजार में ऊंची कीमत पर बेचते थे.

30 हजार लीटर तैयार किया जाता था उत्पाद

रेंज आईजी वीरेंद्रसिंह यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि फैक्ट्री से हर महीने करीब 30 हजार लीटर तैयार उत्पाद अलग-अलग ट्रेडिंग कंपनियों को सप्लाई किया जाता था. इससे साफ है कि यह कारोबार लंबे समय से बड़े पैमाने पर चल रहा था और इसके जरिए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक मिलावटी उत्पाद पहुंच रहे थे. इस मामले में कलोल तालुका पुलिस स्टेशन में फैक्ट्री के मुख्य आरोपी जनककुमार भावसार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

जांच में यह भी सामने आया है कि जनककुमार भावसार के खिलाफ करीब दो वर्ष पहले कड़ी पुलिस स्टेशन में भी इसी तरह नकली घी बनाने का मामला दर्ज किया गया था. उस समय कार्रवाई के बाद आरोपी ने अपना ठिकाना बदल लिया और छत्राल GIDC में फिर से इसी तरह का अवैध कारोबार शुरू कर दिया.

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फूड विभाग को जांच के लिए भेज दिए

पुलिस ने फैक्ट्री से बरामद सभी संदिग्ध तेल और केमिकल के नमूने खाद्य एवं औषधि विभाग यानी फूड विभाग को जांच के लिए भेज दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद में किन रासायनिक तत्वों का उपयोग किया गया था और वे मानव स्वास्थ्य के लिए कितने खतरनाक हैं. हालांकि, शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि यह उत्पाद खाने योग्य नहीं है और इसके सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं. फिलहाल पुलिस इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि किन-किन व्यापारियों और कंपनियों ने इस संदिग्ध उत्पाद की खरीद की, किन ब्रांडों के नाम से इसे बाजार में बेचा गया और इसकी सप्लाई गुजरात के अलावा अन्य राज्यों तक तो नहीं की जा रही थी.

गिरोहों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा

जांच के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में कई और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है. गुजरात पुलिस की इस कार्रवाई को खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले गिरोहों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को भी पैक्ड खाद्य उत्पाद खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, स्रोत और प्रमाणिकता की जांच पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके.

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